ट्रैन में बिना टिकट सफर – डबल चुदाई रात भर
हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम परी है | इस हॉट सेक्स कहानी में पढ़िए कि ट्रेन में बिना टिकट सफर करने पर कैसे मेरी डबल चुदाई हो गई.. ये कामुक कहानी आपका लंड पक्का खड़ा कर … >> पूरी कहानी पढ़ें
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मैंने जोश मेँ आके अपनी नाईटइ उतार दी और अपने बूब्स को जोर जोर से दबाने लगी मैं ठण्ड मैं भी पसीना पसीना हो रही थी मैं जोर जोर से बेलन को अंदर दाल रही थी.. पर बेलन का पतला डंडा मेरी चुत को कसावट नहीं दे पा रहा
मैंने अपना चहरा उसके एक दम मखमली सॉफ्ट बूब्स मै लगाये जा रहा था। उसे और मुझे दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था। फिर मेने उसकी ब्रा निकाल दी उसके बूब्स बहुत बड़े और गोल थे…
वो बिना किसी शर्म के मुझसे बोली की तुम मेरे बूब्स को उतनी देर से देख रहे हो ज्यादा पसंद आ गए हैं तो बोलो | जब उसने इतना कहा तो मैंने भी कह ही दिया हाँ पसंद है तो उसने मेरे हाथ को पकड कर अपने बूब्स पर रख दिया..
मैने उसे पूरा नंगा कर दिया अब मे उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था और मुँह मे लेकर चूस रहा था अब मैने उसके पैरो को चोड़ा किया और अपना मुँह उसकी चूत मे डाल कर सहलाने लगा उसकी चूत पर बाल थे…
माँ लेट गयी और वो आदमी उनके पैर के तरफ उकडू बैठ गया… उसका काला लंड लुंगी के बाहर था… उसने फिर माँ के पैर से साड़ी ऊपर किया.. मैं आँखें बंद कर के पड़ी रही… फिर उसने साड़ी पूरी हटा दी… माँ ने तो पहले से ही सारे उन्देर्गर्मेन्ट्स उतार दिए थे..