मम्मी की दोस्त की चूत और हमारी अन्तर्वासना
आंटी के साइड बूब्स मुझसे टच हो रहे थे और मेरा लंड खड़ा हो गया | मैंने कहा आप इनती मस्त हैं की आपको देखके समझदारी अपने आप निकल जाती है | मुम्मी ने कहा ऋतू मैं थोड़ी देर में आती हूँ बगल वाले के घर से..
आंटी के साइड बूब्स मुझसे टच हो रहे थे और मेरा लंड खड़ा हो गया | मैंने कहा आप इनती मस्त हैं की आपको देखके समझदारी अपने आप निकल जाती है | मुम्मी ने कहा ऋतू मैं थोड़ी देर में आती हूँ बगल वाले के घर से..
मैं अपने कपड़े बदल चुकी थी और जब अपने छोटे भाई को देखा तो सिर पर दुपटा लेकर उसका स्वागत करने पहुची. मैने अपने भाई के चरण स्पर्श किए जैसे की हमारा रिवाज़ है…
मैंने उसके मम्मे चूसने शुरू किए और वो बिल्कुल गर्म हो गई थी, उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था और वो मेरी बाँहों में झूलने लगी, मैंने उसे उठा कर बेड पर लिटा लिया…
जब हम चाय पी रहे थे तब थोड़ी सी चाय उनपे गिर गयी और मैं उन्हें साफ़ करने लगा एकदम से | चाय उनके बूब्स पे थी और वो मुझे देखती जा रही थी पर जब मैंने नोटिस किया तो मैं अलग हो गया…
मैं उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा तो वो मछली की तरह तदपने लगी और साथ में अपने बूब्स को मसलने लगी | मैं उसकी तडपते देखकर मैंने उसकी चूत में…
नौकरानी की उभरी हुई गांड को देखकर में उसे चोदने के बारे में सोचने लगा। वह मेरे पास आई और वह मुझे कहने लगी साहब पानी पी लो जब उसने मुझे पानी दिया तो मैंने देखा कि उसके स्तनों बाहर झांक रहे हैं..