पड़ोसन आंटी से सेक्स की सुरुवात – 1

Hindi Sex Stories – Hindipornstories.org – मेरा नाम अनिल है मैं हापुड़ से हु मेरी उम्र 23 साल है मेरे लान्द् का साइज 7इन्च् है में देखने में स्मार्ट हु मेरा पहला सेक्स मेरी पड़ोसन आंटी के साथ हुआ आंटी का नाम पुनम् है उम्र 33 साल और कद 5.3 लगभग है आंटी का फिगर् 36-30-38 है रंग एकदम गोरा है लंम्बे बाल् और लाल हॉट जो बहुत सेक्सी है आंटी के दो बेटे है एक 9 साल का और छोटा 7 साल का है।

आंटी कि पति जॉब करते है अंकल की फैमिली और मेरी फैमिली में अचछा मेल झोल है हम लोग आंटी के घर और वो लोग मेरे घर एते जाते है आंटी को जब कोई बाहर का काम् होता तो मुझे बुलाती है मैं जब भी आंटी के घर जाता तो आंटी को देखा करता आज क्या पहना ह् किसी लग रही है दोस्तों मुझमे सेक्स बहुत है मैं औरतों की ब्रा पैंटी देख कर ही हॉट हो जाता हु मुझे औरत ब्रा पैंटी में जयदा सेक्सी लगती है और ब्रा पेंटी नेट में हो तो और भी जयदा सेक्सी लगती है।

ऐसे ही एक दिन आंटी ने मुझे अपने घर बुल्या कुछ दुकान से लाना था जब में आंटी के घर गया तो देखा आंटी ने ब्लैक कलर की साडी पहन राखी है जिसमे आंटी का गोरा पेट और कमर साफ दिख रही थी आंटी का ब्लोव्स् भी थोड़ा छोटा था जिसमे से आंटी के थोड़े बूब्स भी साफ दिख रहे थे और आंटी के कन्धे से रेड कलर की ब्रा की स्त्रेप् दिख रही थी जिसे मुझे सेक्स आग्या और मेरा लान्ड बड़ा होने लगा आंटी मुझसे बात कर रही थी और मुस्कुरा रही थी जिस वो बहुत सेक्स लग रही थी…..

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उसदिन मेने खुद पर बहुत कण्ट्रोल रखा और आंटी का काम खतम कर घर आया और अपने फ़ोन पर ब्लू फिल्म देख कर मुथ् मरी जब सन्ति मिली अब में आक्सर् त्लाश् में रहता की आंटी को देख सकूँ और आज क्या पहना है कोन सी ब्रा पैंटी पहनें है आंटी कि  छत और मेरी  छत मिली हुई है बस बिच् में एक छोटी दिवार है जिसे कूद कर एक दूसरे की छत पर आ जासक्ते है और देख सकते है आंटी अपने कपडे धूल कर  छत पर ही सुखने दलति थी जिसे मुझे पता चल जाता था कि आज कोन सी ब्रा पैंटी आंटी ने उतरी है आंटी कि ब्रा पैंटी मेचेग् होती है वो भी फुल नेट में और सभी कलर की है अब में आंटी के साथ सेक्स के सपने देखने लगा था उनके नाम की मुथ् मरता ….

आंटी के बूब्स कैसे होगे बूब्स पर निपल कैसे लगते होंगे आंटी के हिप कितने बड़े और गोरे होंगे आंटी किस ब्रा पैंटी में जयदा सेक्सी लगती होगी आंटी में मेरी रूचि अब जयदा होने लगी  थी मैं अब आंटी के नजदीक जयदा से ज्यादा रहना चाहता था अब मैं रोज आंटी जी के घर जाने लगा और आंटी भी खुश थी क्योकि अंकल ऑफिस चले जाते दोनों बेटे स्कूल आंटी घर पर बोर होने लगती थी जब मै जाता तो वो खूब बातें  करती ऐसे ही दिन कट रहे थे और सर्दी का मोसम् आगया और आंटी अपने कपडे धुल्ते और  छत पर ही सूखा देती एक दिन तेज़ हवा चल रही थी तो आंटी की एक ब्लैक कलर की ब्रा जो फुल नेट में थी बहुत मस्त लग रही थी…..

ह्वा में मेरी छत पर आग्य् मैं वही बैठा था धुप ले रहे था मेरी नजर उस ब्रा पर गय और मेरा लानद् खड़ा होगया मेने चारो ओर देखा कोय नहीं था मेने झत् से वो ब्रा उठा ली ब्रा को हाथ में उठाते है एक आजिब् से फीलिंग आय की आंटी की ब्रा जिसमे आंटी की दोनों चुचि केद् रहती हैं फिर मेने वो ब्रा अच्छी तरह से देखि उस ब्रा का नंबर 36c था फिर मेने वो ब्रा बहुत टाइम तक देखि और सोचा कैसे ये ब्रा इतने बड़े बूब्स को केद् कर लेती है और बूब्स की सुन्दरता को और जयदा चार चाँद लगा देती है फिर मेने आंटी की छ्त् पर देखा कि आंटी की ब्लैक पैंटी जो ब्रा के साथ की है वो एक डोरी पर लटक रही थी और मुझे अपनी और बुला रही थी में झत् से कूद कर आंटी की छ्त् पर गया और पैंटी को उतरा और देख ने लगा आंटी कि पैंटी 38 नंबर की है वो भी नेट में थी और मेरे हन्थ् में ब्रा पैंटी दोनों थी….

अब मुझे आंटी के फुल फिगर् का पता चला और अब कण्ट्रोल करना बहुत मुश्किल होगया तभी मुझे एक आईडिया आया क्यों ना आज ब्रा पैंटी से मुथ् मरी जाय मैं ब्रा पैंटी लेक्र् अपनी छत पर आगया और रूम में चला गया रूम में मेने अपने लान्द् निकला  और आंटी की ब्रा पैंटी को लिप से किश करने लगा और मुथ् मारने लगा उसदिन मेरा विर्या बहुत जल्दी और जयदा निकला बहुत मजा आया ब्रा पैंटी को देख कर मुथ् मरने में फिर में थोड़ी देर यु ही लेता रहा ।

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थोड़ी देर बाद मेरे मान में एक आईडिया आया कि आंटी जी की ब्रा को अपनी छत पर ही डाल दू और पैंटी को वाप्स् डोरी पर दाल अता हु मैं रूम से निकला और चारो ओर देखा कोई नहीं देख रहा है मैं कूद कर आंटी की छ्त् पर गया पैंटी को डोरी पर डाल आय और वप्स् अपनी छ्त् पर आकर ब्रा को छ्त् पर डाल दिया और आंटी जी का वेट करने लगा कब वो कपडे लेने छ्त् पर आय और अपनी ब्रा को ढूंढे।जब  श्याम होने लगी तो आंटी छ्त् पर आय और और मैं छ्हिप् गया और आंटी को देखने लगा लेकिन आंटी जी तो कपडे उतर कर जल्दी से निचे चली गई मैं उदास होगया लेकिन 5 मिनेत् बाद मुझे आंटी जी के ऊपर आने की आवाज आय तो मैं खुश हो गया कि आंटी जी जरूर अपनी ब्रा को कपड़ो में ना पाकर् ऊपर खोज्ने आय है।

मैं फिर से छिप गया और देखने लगा आंटी अपनी छ्त् पर चारो तरफ देख रही थी जब ब्रा नहीं मिली तो आंटी थोड़ा परेसान् होगय् ये सही टाइम था एंट्री मरने का में तुरंत आंटी जी के सामने बिलकुल नॉर्मल हो कर गया जिसे उन्हें लगे मैं अभी ऊपर छ्त् पर आया हु मैंने जाते ही आंटी से पूछा किसी  हो आप आंटी थोड़ा प्रेसन थी फिर भी आंटी बोली आछी हु और तुम कैसे हो मेने मुस्कुराते हुए कहा मैं भी आछा हो मेने फिर से एक और तीर छोड़ा आज इस वक़्त आप ऊपर कैसे हो तो आंटी बोली बस यु ही मन् किआ तो आ गाय लेकिन आंटी की नजर चारो ओर घूम रही थी मैं तो जनता था वो क्या देख रही है इसीलिए मैंने पूछ लिया आप क्या देख रही है कुछ खो गया है तो मैं मदद करूँ वो बोली नहीं नहीं असा कुछ नहीं है मेने जोर दिया तब वो बोली मेरा एक कपडा गुम होगया है….

बस उसे ही देखने ऊपर आय हु कहि कपडे उतर ते टाइम यही कही रह गया हो लेकिन कहि मिल नहीं रहा मैने तुरंत कहा कि मैं अता हु और आपकी मदद करता हु आंटी बोली नहीं नहीं मैं खुद देख लुंगी लेकिन मुझे कहा रुकना था तुरंत आंटी जी की छ्त् पर और इधर उधर देखने का ड्रामा किआ और कहा यहाँ तो नहीं है कोय भी आपका कपडा शयद निचे ही कहि गुम होगया हो और वापस अपनी छ्त् पर आने लगा जैसे और आंटी भी निचे की तरफ जाने के हुई मेने एक डैम से कहा आंटी जी रुको एक कपडा इधर छ्त् पर ह् वो तुरंत रुक गया और मेरी तरफ देखने लगी मेने वो आंटी की ब्रा उठाई और आंटी की तरफ इशारा किआ की ये तो आपका कपडा नहीं है….

तो आंटी का  फेस पूरा लाल होगया और मुह निचे करती हुई बोली हा यहिं है वो झट से मेरी ओर बढ़ी और अपनी ब्रा लेती हुई बोली ये वहाँ कैसे गई मेने कहा तेज़ हवा में आ गई होगी आंटी बोली तुम सही बोल रहे हो आंटी की बात ख्त्म् होने से पहले मेने बोल दिया आंटी ये आपकी बहुत आछी और सुन्दर है और आप पर बहुत सेक्सी लगती होगी मेरी इस बात से आंटी एक दम शर्म् से लाल होग्य् और बोली हैट पागल कहि का और मुस्कुराते हुए निचे जाने लगी उसदिन आंटी ने मुझे पीछे मुद कर देखा और एक कातिल मुस्कराहट के साथ निचे चली गए और मैं भी खुश होते हुए निचे आ गया ।उस रात् मेने आंटी को और ब्रा पैंटी को याद करके दो बार मुथ् मरी और यहिं सोचता रहा की कब आंटी की चूत् मिले गई कब आंटी के सेक्सी बूब्स चूसने और दबाने को मिलेगे और कब निद् आ गया पता ही नहीं चला सुबह होते है मैं आंटी के दोनों बेटे के स्कूल जाने की रहा देखने लगा 8 बजे तक बच्चे और उनके पति घर से निकल गए अब आंटी घर में थी….

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मैं नहा कर मस्त होकर आंटी के पास आ गया आंटी ने मुझे देख कर एक मुस्कान दी और काम में लगी रही मेने जब आंटी जी के गौर से देखा तो आज आंटी बहुत सेक्सी लग रही थीं आज आंटी एक पतले से गाउन में थी जिसमे से आंटी की ब्लैक ब्रा थोड़ी थोड़ी मुझे दिख रही थी और आंटी की पीछे से अस्स पर पैंटी लाइन भी कुछ्  कुछ दिख रही थी मैं खुश होगया आंटी ने कल वाली ब्रा पैंटी पहनी है इधर उधर की बात होती रही और आंटी का काम खतम होगया था तब आंटी बोली अब आराम से बेथ कर बात करेंगे और हम दोनों सोपे पर अम्ने सामने बेथ गाए कुछ देर बाद मेने हिमत कर के आंटी को बोला कि आज आप बहुत सुन्दर लग रही है तो आंटी में हस्ते हुए कहा कि क्या रोज नहीं लगी या आज कुछ नेई बात है….

मेने भी एकदम बोल दिया है कुछ रोज से अलग है तब आंटी बोली असा तुझे आज अलग क्या लगा मुझे भी तो बता तब् मेने कहा आज आप बहुत सेक्सी लग रही है तो आंटी थोड़ा गुस्सा करते हुए बोली ये किसी बात कार रहा है आज तू तब मेने आंटी से कहा I love you तो आंटी ने गुस्सा होते हुए कहा तुम पागल होगय् हो मेने बोलै जब  कल से आपकी वो ब्लैक नेट की ब्रा देखि है जब से मुझे आप ही आप उस ब्रा में दिखती है और अपने आज वही ब्रा और पैंटी पहन रखी है आपके गाउन से साफ पता लग रहा है आंटी बोली ये सब क्या बोल रहे हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है प्ल्ज़ ऐसी बते मत करो और यहा से जाओ लेकिन में आंटी के और पास जा बैठा और आंटी को जोर से अपनी बहो में जकड लिया जिसे आंटी घबराएगए और उतने लगी लेकिन मेरी पकड़ बहुत मजबूत थी जिसे आंटी उठ नहीं पाई मैं आंटी को फेस और गर्दन् पर चूमने लगा आंटी मुझे दूर करने की कोसिस करती रही लेकिन में चूमने में लगा रहा ।

आगे की कहानी नेक्स्ट पार्ट में
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