<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>फ्री सेक्स कहानी &#8211; Antarvasna</title>
	<atom:link href="https://hindipornstories.org/free-sex-kahani/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindipornstories.org</link>
	<description>Hindipornstories.org</description>
	<lastBuildDate>Thu, 15 Aug 2024 10:51:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.4</generator>
	<item>
		<title>आंटी की मोटी गांड पे दिल आ गया</title>
		<link>https://hindipornstories.org/moti-gand-wali-aunty-ki-chudai-ki-xxx-kahani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Oct 2024 09:02:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[aunty ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[aunty porn]]></category>
		<category><![CDATA[aunty sex]]></category>
		<category><![CDATA[freesexkahani]]></category>
		<category><![CDATA[garam kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hamari kahaniya]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi sexy story]]></category>
		<category><![CDATA[Hot girl]]></category>
		<category><![CDATA[Kamvasna]]></category>
		<category><![CDATA[Nangi Ladki]]></category>
		<category><![CDATA[oral sex]]></category>
		<category><![CDATA[Padosi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=8676</guid>

					<description><![CDATA[<p>मोटी गांड वाली आंटी के सभी चाहनेवालों को मेरा हैलो। कैसे हो सब? आज इस कामुक चुदाई कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने एक आंटी की मोटी गांड की चुदाई कर डाली। ये ... <a title="आंटी की मोटी गांड पे दिल आ गया" class="read-more" href="https://hindipornstories.org/moti-gand-wali-aunty-ki-chudai-ki-xxx-kahani/" aria-label="Read more about आंटी की मोटी गांड पे दिल आ गया">&#62;&#62; पूरी कहानी पढ़ें</a></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/moti-gand-wali-aunty-ki-chudai-ki-xxx-kahani/">आंटी की मोटी गांड पे दिल आ गया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मोटी गांड वाली आंटी के सभी चाहनेवालों को मेरा हैलो। कैसे हो सब? आज इस कामुक चुदाई कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने एक आंटी की मोटी गांड की चुदाई कर डाली। ये मोटी गांड वाली आंटी की चुदाई की कहानी तब की है जब मैं स्टूडेंट था। bagalwali moti gand wali aunty ki chudai ki kahani padhte rahiye.</p>
<p>मेरे घर के बगल में एक परिवार रहने आया। हमारे परिवार में अंकल आंटी और उनकी 2 बेटियां थीं।</p>
<p>अंकल की उम्र करीब 45 साल के करीब है और आंटी की उम्र करीब 38 साल है।</p>
<p>मैंने उन लोगो पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन मैंने एक बात नोट की थी आंटी मुझे अक्सर घूरती थी।</p>
<p>एक दिन आंटी ने मुझे बुलाया।</p>
<p>आंटी- हैलो, सुनो तो जरा.</p>
<p>मैं- जी आंटी.</p>
<p>आंटी- तुम्हारा नाम क्या है?</p>
<p>मैं- फरहान.</p>
<p>आंटी- अच्छा नाम है. तुम्हारी शकल मेरी दोस्त के भाई से मिलती है।</p>
<p>मैं- अच्छा.</p>
<p>आंटी- क्या करते हो?</p>
<p>मैं- जी मैं बी.टेक कर रहा हूँ.</p>
<p>आंटी- अच्छा, तब तो खूब मस्ती होगी कॉलेज में।</p>
<p>मैं- जी. वो तो सब करते हैं.</p>
<p>और इस तरह हमारी बात रोज होने लगी। फ़िर उन्हो ने मेरा नंबर मांगा। मैने दे दिया. और मैसेजिंग शुरू हो गई। फ़िर फ़ोन पर बात-चीत भी होने लगी।</p>
<p>एक दिन आंटी की कॉल आई और मुझसे बहुत खुल कर बात करनी शुरू की। आप आंटी की मोटी गांड, मोटी गांड वाली आंटी की चुदाई, देहाती आंटी की चुदाई की कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं।</p>
<p>मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में मुझसे पूछने लगी। मैंने भी झूठ नहीं बोला और बताया कि मेरी 2-3 गर्लफ्रेंड हैं।</p>
<p>आंटी- तो खूब मजे कर रहे हो तुम. सिर्फ गर्लफ्रेंड बनाये हो या कुछ फ़ायदा भी उठा रहे हो गर्लफ्रेंड बनने का।</p>
<p>मैं- कैसा फ़ायदा?</p>
<p>आंटी- अरे सेक्स की बात कर रही है. क्या है उनके साथ या नहीं?</p>
<p>मैं उनकी ये बात सुन कर चौका. मैं समझ गया कि आंटी सेक्स की भूखी है और मुझे लाइन दे रही है।</p>
<p>मैं- खूब करता हूं. बहुत बार किया है. असली जिंदगी का मजा तो चुदाई में ही है।</p>
<p>आंटी- हां डियर. तुम ही लोगो का तो मज़ा है। हम जैसी औरतें तो बस तरसती हैं।</p>
<p>मैं- आप क्यों तरसती हैं? आपके तो पति हैं ना?</p>
<p>आंटी- अब क्या बताऊ तुम्हें. सिर्फ नाम का पति है मेरे.</p>
<p>मैं- क्यू?</p>
<p>आंटी- रहने दो. क्या कहु तुमसे. कहने से क्या फ़ायदा. तुम कर ही क्या सकते हो मेरे लिए।</p>
<p>मैं- आप बताएं तो. आप जो बोलोगी, मैं वो करुंगा। आपकी पूरी मदद करूंगा मैं।</p>
<p>और फिर आंटी ने मुझे बताया कि बीमारी की वजह से उनके पति की सेक्स पावर खत्म हो गई है। और वो सेक्स के लिए बहुत तड़पती है। बहुत भूखी है वो <a href="https://hindipornstories.org/dumdaar-chudai-ki-kamuk-kahani/">कामुक चुदाई</a> के लिए।</p>
<p>मैंने भी कहा कि अब आप परेशान न हों। मैं आपकी पूरी मदद करूंगा। आप बहुत अच्छी लगती हैं मुझे।</p>
<p>इस बात पर आंटी ने कहा कि ठीक है। फ़िर अभी आ जाओ मेरे घर। कोई है भी नहीं और रात का टाइम है. मैं अकेली हूं. मेरे पति गाँव गये हैं।</p>
<p>आप आंटी की मोटी गांड, मोटी गांड वाली आंटी की चुदाई, देहाती आंटी की चुदाई की कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। मैं खुश हो गया और आंटी के घर की तरफ चल पड़ा।</p>
<p>मैं दरवाजे पर पहुंच गया, दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था, और आंटी वही खड़ी थी।</p>
<p>मैं जैसे ही अंदर गया, आंटी मुझपर टूट पड़ी और मेरे होठों को चूसते हुए उन्होंने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया।</p>
<p>क्या बताउ दोस्तो! कितना अच्छा लगा मुझे. मैंने भी उनकी बूब्स पकड़ कर मसलने लगा।</p>
<p>आंटी की चुचियाँ 38 की थी और आंटी की मोटी गांड 40 से भी ज़्यादा!</p>
<p>दोस्तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। क्योंकि आंटी बहुत खुबसूरत थी मेरे लंड को मेरे लोअर से निकाल कर सहला रही थी। और मेरे सीने को चूस रही थी।</p>
<p>मैं पहली बार किसी परिपक्व महिला के साथ सेक्स करने जा रहा था। मैं ये समझ चुका था कि आज बहुत मजा आने वाला है। मैं समझ चुका हूं कि परिपक्व महिला और एक लड़की में कितना फ़र्क होता है।</p>
<p>आंटी- जानू. बहुत बड़ा है तुम्हारा लंड. आज बहुत मजा आएगा. लगता है सारी प्यास बुझ जाएगी मेरी।</p>
<p>इतना कह कर आंटी ने मेरे लंड को अपने मुँह में रख लिया और किसी रंडी की तरह जोर जोर से चूसने लगी। मैं मस्त हुआ जा रहा था. और उनका सिर पकड़ कर जोर जोर से अपना लंड उनके मुँह में ठूंस रहा था।</p>
<p>मैं- जोर से चूसो जानेमन. बहुत मजा आ रहा है. आज कोई पहली बार मेरे लंड को चूस रहा है। आआह! मजा आ गया.</p>
<p>और इतना कह कर मैंने आंटी को बिस्तर पर पटक दिया और उनके सारे कपड़े अलग कर दिये। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी थी। मैं उनको बिस्तर पर लिटा कर उनके ऊपर आ गया और अपना गरम गरम लंड उनकी पैंटी के ऊपर से आंटी की चूत पर रख दिया।</p>
<h5>Moti gand wali aunty ki chudai ke liye mera land ready tha</h5>
<p>आप आंटी की मोटी गांड, मोटी गांड वाली आंटी की चुदाई, देहाती आंटी की चुदाई की कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। उनके दोनों बूब्स मेरे हाथो में थे। मैं उन्हें दबा रहा था. मेरे होंथ उनके होंथो पर थे और मैं उन्हें चूस रहा था। और अपना <a href="https://desibahu.com/category/bhabhi-sex-story/" target="_blank" rel="noopener">लंड उनकी चूत पर रगड़ रहा था</a>।</p>
<p>आंटी नीचे से कमर उठा कर मेरा लंड रगड़ रही थी।</p>
<p>चाची- जानू और जोर से दबाओ मेरी चुचियाँ.. आआह.. उउफ़्फ़.. बहुत मस्त चोदोगे मुझे.. आह.. बहुत सेक्सी हो तुम जानू।</p>
<p>मैं- हान जानेमन. आज तुम्हारी चूत का सारा पानी निकाल लूँगा मैं। सारी प्यास बुझा दूंगा मैं तुम्हारी। आज सिर्फ मुझसे ही चुदवाओगी तुम।</p>
<p>इतना कह कर मैंने आंटी की ब्रा खोल दी और आंटी की पैंटी उतार दी। अब अपना लंड उनकी चूत के फाको में फंसा कर रगड़ने लगा और उनकी चुचियों को चूसने लगा।</p>
<p>चाची- उउउउउउउउफफफफ्फ़.. आआआअह्हह्हह.. और जोर से रगड़ो.. आआआह.. मजा आ गया.. उउउउउउफ.. बहुत सेक्सी हो तुम जानू।</p>
<p>अब हम 69 पोजीशन में आ चुके हैं। मैंने अपना लंड उनके मुँह में रख दिया और उनकी फुली हुई डबल रोटी जैसी चूत को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।</p>
<p>आंटी पागल हुवे जा रही थी. और अपनी कमर जोर जोर से उछल रही थी। और चिल्ला रही थी जानू जल्दी से अपना लंड पेल दो मेरी चूत में। वर्ना मैं मर जाउंगी प्लीज़।</p>
<p>मैंने उनकी टांगें फेलाई और अपना मोटा सा लंड उनकी सेक्सी चूत पर सताया। मैं धक्का मारता हूं कि हमसे पहले ही आंटी ने नीचे से अपनी कमर उठा कर आधा लंड अपनी चूत में घुसा लिया और जोर से चिल्लाई।</p>
<p>चाची- शीईईईई.. उउउउउउउफफफ.. आआह्ह्ह्ह.. जानू पेलो.. पूरा डालो अन्दर तुम्हारा लौड़ा.. मजा आ गया।</p>
<p>अब मैं भी जोश में आ गया और एक जोर के झटके के साथ अपना पूरा लंड उनकी चूत में उतार दिया और जोर से चोदने लगा।</p>
<p>चाची- जानू कस कर चोदो.. आआह.. मजा आ रहा है.. उउउउउफ.. उउइइ.. माआ.. मर गई.. आनंद आ गया।</p>
<p>और अपनी मोटी गांड उठा-उठा कर चुदवा रही थी। आप आंटी की मोटी गांड, मोटी गांड वाली आंटी की चुदाई, देहाती आंटी की चुदाई की कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। अब मैं लेट गया और आंटी अपनी बड़ी सी गांड लेकर मेरे ऊपर आ गई और मेरा लंड अपनी चूत में रख कर उछालने लगी।</p>
<p>बहुत तेज़ उछल रही थी वो। उनकी बड़ी बड़ी चुचियाँ हवा में लहरा रही थी और उनकी बड़ी सी मोटी गांड पर मैं हाथ लगाये हुए था। उनकी गांड पर हाथ फेर रहा था और गांड में उंगली डाल रहा था।</p>
<p>इतने में आंटी जोर से चिल्लाई।</p>
<p>आंटी- आआआआअह्ह्ह्ह! चोदो जानू.. और जोर से.. झटका मारो&#8230; पूरा लंड अंदर तक पेलो.. आआआह्ह्ह्ह.. उउफ.. मैं तो गई.. उफ्फ्फ&#8230; ऊऊह्ह्ह&#8230; जानू मैं गई.. आआआह्ह्ह्ह.. .</p>
<p>और आंटी झड़ गयी. मेरा पूरा लंड उनकी चूत रस से भीग गया। 4-6 और झटके मारने के बाद मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया।</p>
<p>फिर हम लेट गए. हमें चूहा मैंने आंटी को 4 बार और चोदा।</p>
<p>उसके बाद जब भी मौका मिलता है, मैं उन्हें चोद देता हूं मैंने उनकी मदद से। उनकी काई और सहेलियों की चूत का स्वाद भी लिया मैंने। आंटी की मोटी गांड भी मारी है. पर चुदक्कड़ आंटी की मोटी गांड की चुदाई की कहानी अगले अंक में बताऊंगा&#8230;।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/moti-gand-wali-aunty-ki-chudai-ki-xxx-kahani/">आंटी की मोटी गांड पे दिल आ गया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बहन की सहेली सोनाक्षी</title>
		<link>https://hindipornstories.org/bahan-ki-saheli-ki-sexy-fuddi-maari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jul 2024 06:42:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एक्सएक्सएक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[bahan ke friend ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[bahan ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[bahan ki saheli]]></category>
		<category><![CDATA[behan sex]]></category>
		<category><![CDATA[desi bahan ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[freesexkahani]]></category>
		<category><![CDATA[fuddi]]></category>
		<category><![CDATA[fuddi ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[xxx bahan]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%93-%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%9d%e0%a5%87/</guid>

					<description><![CDATA[<p>नमस्कार मंडली! क्या आपने कभी अपनी बहन की किसी सहेली को छोड़ा है? मुझे चांस मिला अपनी बहन के दोस्त को चोदने का.. और मैंने उसके साथ जमकर सेक्स किया.. खूब जोरदार चुदाई की मैंने ... <a title="बहन की सहेली सोनाक्षी" class="read-more" href="https://hindipornstories.org/bahan-ki-saheli-ki-sexy-fuddi-maari/" aria-label="Read more about बहन की सहेली सोनाक्षी">&#62;&#62; पूरी कहानी पढ़ें</a></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/bahan-ki-saheli-ki-sexy-fuddi-maari/">बहन की सहेली सोनाक्षी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नमस्कार मंडली! क्या आपने कभी अपनी बहन की किसी सहेली को छोड़ा है? मुझे चांस मिला अपनी बहन के दोस्त को चोदने का.. और मैंने उसके साथ जमकर सेक्स किया.. खूब जोरदार चुदाई की मैंने उसकी.. बहन के सहेली की चूत की चुदाई के बाद मैं दीवाना बन गया। क्या मस्त चूत थी उसकी.. वाह! वहीं मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ&#8230; hot and sexy bahan ki saheli ki fuddi maari aur usko choda akele mein.</p>
<p>कहानी शुरू करते हैं.. मेरा नाम हर्षित है और मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं. घर में मेरी एक बहन है, उसका नाम प्रिय है। मेरे पापा का देहांत हो गया है और मेरी सैलरी से घर चलता है.. मेरी मां घर संभालती है..</p>
<p>एक दिन, जब मैं ऑफिस से घर आया तो मम्मी ने मुझे पानी दिया.. मैंने मोजे निकाले, पानी पिया और सोफे पर बैठ गया..</p>
<p>माँ &#8211; बेटा.. चाय पिएगा?</p>
<p>मैं &#8211; हाँ माँ.. थोड़ा बना दो..</p>
<p>माँ मेरे लिए चाय बनाने के लिए चली गई। आप ये बहन की सहेली सोनाक्षी की फुद्दी मारी सेक्स कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। मैं फोन में टाइम पास करने लग गया.. तभी मेरी बहन प्रिया वहां आ गई&#8230;</p>
<p>प्रिया &#8211; भैया, मुझे आपकी एक मदद चाहिए..</p>
<p>मैं &#8211; क्या हुआ प्रिया? सब ठीक है ना?..</p>
<p>प्रिया &#8211; भैया, मुझे कल मेरी सहेली सोनाक्षी के घर जाना है.. क्या क्या आप मुझे उसके घर ड्रॉप कर दोगे? मैं &#8211; ठीक है प्रिया.. कल सुबह तुमको सोनाक्षी के यहाँ ड्रॉप कर दिया.. उसके बाद मैं ऑफिस चला जाऊँगा..</p>
<p>वो खुश हो गई..</p>
<p>मैं &#8211; क्या कोई ज़रूरी काम है वहाँ तुमको?..</p>
<p>प्रिया &#8211; अरे नहीं भैया, ऐसे ही मिलना था उसको मुझसे..</p>
<p>मम्मी चाय बनाकर लाई&#8230;</p>
<p>मैंने चाय पी प्रिया से पूछा &#8211; प्रिया, तुम्हारे आगे का क्या प्लान है? प्रिया &#8211; भैया, अभी तो कुछ सोचा नहीं.. क्या करना है, कॉलेज खत्म होने के बाद सोचूंगी.. अभी मुझे इसका टेंशन नहीं लेना है..</p>
<p>मैं &#8211; ओके बाबा.. ठीक है.. कॉलेज लाइफ एन्जॉय करो..</p>
<p>वो हंस के अंदर कमरे में चली गई&#8230;</p>
<p>अगले दिन हम तैयार हुए और निकल पड़े। हम लोग सोनाक्षी के घर के बाहर पहुंचे तो मैंने देखा कि सोनाक्षी बाहर ही खड़ी हमारा इंतजार कर रही थी..</p>
<p>हम पाहुच गए.. प्रिया उतरी और सोनाक्षी के गले लग गई.. हो गया हग किया..</p>
<p>सोनाक्षी मेरी तरफ देख के बोली &#8211; भैया, अंदर चलिए..</p>
<p>मैं &#8211; नहीं सोनाक्षी, अभी मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है .. बाद में कभी&#8230;</p>
<p>और मैं वहां से ऑफिस के लिए निकल गया&#8230;</p>
<p>ऑफिस के बाद मैंने प्रिया को कॉल करके बोल दिया के अगर कोई जरूरी हो तो फोन करना.. प्रिया ने ठीक कहा.. पर उसका कोई फोन नहीं आया मुझे.. उल्टा मुझे ही फ़ोन करना पड़ा&#8230;</p>
<p>मैं &#8211; प्रिया, तुम तो मुझे भूल ही गई सोनाक्षी को पाकर.. फ़ोन ही नहीं किया..</p>
<p>प्रिया &#8211; अरे भैया, मैं अभी तो सोनाक्षी के घर पर ही हूँ.. बस कुछ देर बाद फ्री हो जाऊँगी..</p>
<p>मैं &#8211; ठीक है.. मैं ऑफिस से निकल रहा हूँ.. तुमको पिकअप कर लूँगा..</p>
<p>प्रिया &#8211; ठीक है भैया ..</p>
<p>और मैं प्रिया को लेने चला गया.. मैं जब वहा पहुचा, तो मैंने उसको फ़ोन किया.. तो प्रिया कहने लगी..</p>
<p>प्रिया &#8211; बस थोड़ी देर और.. प्लीज.. थोड़ी और देर लगेगी.. आप अंदर ही आ जयिये ना&#8230;</p>
<p>मैंने बाइक साइड में खड़ी की और सोनाक्षी के घर के अंदर चला गया..जब मैं अंदर गया तो देखा कि सोनाक्षी के मॉम डैड भी वहीं थे..मैं उन्हें नहीं जानता था..पहली बात ही उनको मिल रहा था.. तो सोनाक्षी ने मेरा परिचय अपने मॉम-डैड से करवाया.. परिचय के बाद सोनाक्षी के मां-पापा मुझसे बातें करने लगे..</p>
<p>मॉम-बेटा.. कहां जॉब करते हो?</p>
<p>मैं &#8211; आंटी, मैं एक एमएनसी में जॉब करता हूं। वहा प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर हूं..</p>
<p>आप ये बहन की सहेली सोनाक्षी की फुद्दी मारी सेक्स कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। हम लोग आपस में बातें कर रहे थे.. वो दोनो अपनी बातें बता रहे थे.. मैं अपनी.. के प्रिये आ गई और बोली..</p>
<p>प्रिया &#8211; अच्छा अंकल, आंटी.. अब हम चलते हैं..</p>
<p>मैं भी उनको अलविदा बोलकर बाहर आ गया और हम वहां से निकल गए..</p>
<p>घर पहुंचते ही मां की कहा &#8211; बहुत देर कर दी तुम लोगों ने.. मैं कितनी टेंशन में थी&#8230;</p>
<p>मैं &#8211; अरे मां.. ये प्रिया ने सोनाक्षी के लिए लेट किया घर पे.. दोनो जब मिलती है तो चिपक जाती है.. छोड़ती ही नहीं एक दूसरे को.. देर तो होनी ही थी तब&#8230;</p>
<p>माँ &#8211; चलो.. कोई बात नहीं.. अब तुम दोनों फ्रेश हो जाओ.. खाना खाते हो&#8230;</p>
<p>मैं &#8211; मम्मी, मेरी अभी खाना खाने की बिल्कुल इच्छा नहीं है..</p>
<p>मम्मी &#8211; क्यों? खा लो खाना.. फिर आराम कर लेना&#8230;</p>
<p>मम्मी कहने वाली थी&#8230; खैर, हम लोगों ने साथ बैठकर खाना खाया.. उसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया और मम्मी टीवी देखने लगी..</p>
<p>मैं अपने कमरे में बिस्तर पर लेट गया और फेसबुक पर अपने पुराने दोस्तों से चैट करने लगा.. अचानक अपने एक पुराने दोस्त, दिनेश, की प्रोफाइल देखी..</p>
<p>मैंने सोचा मैसेज डालता हूँ.. देख साले को याद भी है या नहीं.. मेरे मैसेज भेजते ही तुरन्त उसका रिप्लाई आ गया&#8230;</p>
<p>मैं &#8211; क्यों भाई.. कहाँ है आजकल?</p>
<p>दिनेश- बस, यहीं मुंबई में.. नौकरी कर रहा हूँ..</p>
<p>मैं &#8211; कब से यार?</p>
<p>दिनेश &#8211; बहुत टाइम हो गया भाई.. अब यहीं सेटल हो चुका हूं। मुख्य &#8211; महान! नंबर दे दे अपना.. कभी आना हुआ मुंबई में तो मिलूंगा तुझसे..</p>
<p>उसने नंबर भेजा.. मैंने उसको कॉल किया.. काफी देर बात हुई.. उसने कहा के उसको मुझसे बात करनी थी पर टाइम नहीं मिल रहा था..</p>
<p>हम दोनो अपने पुराने दिनों की बातें करने लगे.. वो दोस्तों के बारे में पूछने लगे.. मेरे जॉब के बारे में पूछा और मैने उससे&#8230; जब मैने अपनी कंपनी के बारे में बताया तो वो बोला..</p>
<p>दिनेश &#8211; भाई , तेरा मुंबई में अच्छा स्कोप है.. मेरी कंपनी अगर तेरे लिए बात करूँ तो तुझे अच्छी सैलरी मिलेगी..</p>
<p>मैं &#8211; सैलरी तो यहाँ भी ठीक ही है..</p>
<p>दिनेश &#8211; तू मुंबई आके तो आजा.. मुंबई का मज़ा ही अलग है. . कोशिश कर&#8230;</p>
<p>मैं भी मुंबई के बारे में सोचता था.. क्योंकि मेरे अंकल वहीं रहते थे.. जब भी अनलोगो के घर हम जाते थे बचपन में, मुझे लगता था कि ये लोग क्या मस्त लाइफ जी रहे हैं।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/bahan-ki-saheli-ki-sexy-fuddi-maari/">बहन की सहेली सोनाक्षी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अपने कॉलेज की लड़की को चोदा</title>
		<link>https://hindipornstories.org/college-ki-ladki-ki-chudai-seal-todi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jul 2024 20:53:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[लड़कियों की गांड चुदाई]]></category>
		<category><![CDATA[antrvasna]]></category>
		<category><![CDATA[chut me lund]]></category>
		<category><![CDATA[college ki ladki]]></category>
		<category><![CDATA[freesexkahani]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[moti gaand]]></category>
		<category><![CDATA[priya ka sex video]]></category>
		<category><![CDATA[priya ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[priya ko choda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%9c%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%be/</guid>

					<description><![CDATA[<p>कॉलेज के दिनों में किया हुआ सेक्स हमेशा दिल के पास रहता है। ऐसा ही एक अनुभव को मैं साझा करने जा रहा हूं, जिसमें एक हॉट और सेक्सी कॉलेज लड़की की चुदाई कर डाली ... <a title="अपने कॉलेज की लड़की को चोदा" class="read-more" href="https://hindipornstories.org/college-ki-ladki-ki-chudai-seal-todi/" aria-label="Read more about अपने कॉलेज की लड़की को चोदा">&#62;&#62; पूरी कहानी पढ़ें</a></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/college-ki-ladki-ki-chudai-seal-todi/">अपने कॉलेज की लड़की को चोदा</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कॉलेज के दिनों में किया हुआ सेक्स हमेशा दिल के पास रहता है। ऐसा ही एक अनुभव को मैं साझा करने जा रहा हूं, जिसमें एक हॉट और सेक्सी कॉलेज लड़की की चुदाई कर डाली मैंने। मैंने उसको खूब रगड़ा और उसकी चूत का स्वाद ले लिया। वो मेरे रांड बन गई थी उसे चोदाई के बाद.. लड़के अपना लण्ड हिलाकर मेरी कहानी पढ़ें.. और लड़कियां अपनी चूत में उंगली करती रहें.. बड़ा मज़ा आएगा इस कहानी में&#8230; खैर, देर ना करते हुए कामुक कहानी पर चलते है। main apne college ki ladki ki chudai karke bahut khush tha..</p>
<p>नमस्ते दोस्तों! आप सब कैसे हैं? आशा है कि सब कुछ ठीक है और आप नियमित रूप से हस्तमैथुन कर रहे हैं। मेरा नाम राहुल है और मैं खीरी जिले के एक गांव का रहने वाला हूं। मैं 20 साल का हूँ और मेरी हाइट औसत है, 5 फुट 6 इंच। मेरा लंड भी नॉर्मल साइज़ का ही है.. या फिर नॉर्मल से थोड़ा ऊपर? मेरा लवड़ा 7 इंच का है, खड़े होने पर&#8230;</p>
<p>मैं कॉलेज में पढ़ता हूं। दिखने में पतला और पढ़ा में कुछ खास अच्छा नहीं हूँ। पिछले साल 2 बार फेल भी हो चुका हूं.. मेरा बड़ा भाई अच्छा काम करता है और मुझे भी जिंदगी में सफल होने की सलाह देता रहता है.. कहता है, पढ़ो.. पढ़ाई बहुत जरूरी है.. पर मैं तो मौज मस्ती करने वाला व्यक्ति हूं.. पढ़ाई करता तो मज़े कैसे करता..?</p>
<p>अब दोस्तों, बिना टाइम वेस्ट किया.. मैं अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाता हूँ, कि किस तरह मैंने एक लड़की को चोदा! जिस लड़की को मैंने चोदा था, वो मेरे कॉलेज की ही थी.. उसका नाम प्रिय था और क्या बताएं यारों!.. क्या मस्त फिगर था उसका&#8230; 32-34-38! ऐसा फिगर देख कर तो किसी का भी लंड सलामी देने लगे और उसको चोदने की इच्छा किसमें नहीं जगेगी?..</p>
<p>उसकी मोटी और बड़ी गांड&#8230; क्या मस्त मोटे और बड़े बूब्स! वाह!! मैं तो आज भी उसके बारे में सोच कर मुठ मार देता हूँ।</p>
<p>पढ़ाई भले मैं ना करूँ, अटेंडेंस परफेक्ट रखता था.. लड़की ताड़ने जो मिलती थी.. ऐसे ही मैंने प्रिया को पहली बार देखा.. आदमी को भाग गई.. मैं उसको जैसे मारने लगा&#8230; कुछ न कुछ करके उसके पास रहने लगा&#8230; चांस देख रहा था उसे फ्रेंडली होने का&#8230;</p>
<p>ऐसे ही एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ एक शॉप पर चाय पी रहा था.. कि वहा एक छोटा लड़का था. वो बहुत गरीब लग रहा था.. मेरे पास आकर बोला..</p>
<p>वो लड़का &#8211; भैया.. बहुत भूख लगी है.. कुछ खाने को दे दो&#8230;</p>
<p>मैंने उसको एक चाय और कुछ टोस्ट दिला दिए.. प्रिया भी अपनी सहेलियों के साथ ही पास ही में खड़ी थी.. उसने ये देख लिया.. पर मैंने उसे ये मुझे देखते हुए नहीं देखा था..</p>
<p>कुछ देर बाद जब मैं वहां से अपने कमरे पर जाने के लिए निकल पड़ी, प्रिया मेरे पास आई&#8230;</p>
<p>प्रिया &#8211; तुमने अच्छा काम किया.. मुझे लगा था कि तुम सिर्फ़ फालतू हो मैं टाइम पास करता हूँ.. पर आज तुमको उस बच्चे को कुछ खिलाते हुए देख कर पता चला के तुम अच्छे इंसान हो..</p>
<p>मैंने तो बस ऐसे ही उस लड़के को खिला दिया था.. क्या पता था उसकी वजह से प्रिय से बात हो जाएगी..</p>
<p>मैंने कहा &#8211; अरे, कोई बात नहीं.. वैसे भी मैं सही नहीं तो कोई और उसको कुछ दे देता&#8230;</p>
<p>और ऐसे ही, हम बातें करने लगे.. हम दोनो के दोस्त जा चुके थे..</p>
<p>मैंने कहा &#8211; प्रिया, क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगी?</p>
<p>उसने कहा &#8211; ज़रूर, क्यों नहीं? &#8230;</p>
<p>और इतना बोल कर वो चली गई.. मुझे अच्छा लगा.. आखिरकार प्रिया से दोस्ती तो हुई.. पहला कदम पूरा हुआ..</p>
<p>अब हमारी दोस्ती आगे बढ़ी.. हम मिलने लगे.. बातें करने लगे.. चाय-कॉफी.. घूमना-फिरना.. सब चलने लगा.. इस रिश्ते पर अगले कदम अब तक नहीं गया था&#8230;</p>
<p>आप ये सेक्सी स्टोरी कॉलेज की लड़की की चुदाई हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। एक दिन मैंने सोचा आज पूछ ही लूं..</p>
<p>हम कॉलेज के बाहर वाले कैंटीन में कॉफी पी रहे थे..</p>
<p>मैंने पूछा &#8211; प्रिया, एक सवाल पूछना था.. बुरा मत मानना.. ठीक है? ..</p>
<p>उसने कहा &#8211; ज़रूर.. क्या बात है राहुल? इतना औपचारिक अचानक?..</p>
<p>मैं बोला &#8211; बस एक बात पूछना है.. काफ़ी दिनों से मेरे दिल में है ये बात.. क्या तुम मुझे पसंद करती हो?&#8230;</p>
<p>वो हंसकर बोली &#8211; ये क्यों पूछ रहे हो..? बेशक, मैं तुम्हें पसंद करती हूँ&#8230;</p>
<p>मैंने कहा &#8211; क्योंकि मैं तुम्हारे प्यार में पागल हो चुका हूँ.. तुम्हारे अलावा कुछ और नहीं मुझे आजकल..</p>
<p>ये बात सुन कर प्रिय खामोश हो गई.. क्या पता उसके मन में क्या चल रहा था.. मेरे तो गोटे मुँह में आ गए थे.. कहीं प्लान फेल न हो जाए. .</p>
<p>उसने पूछा &#8211; क्या तुम सच बोल रहे हो? मज़ाक तो नहीं कर रहे हो ना?..</p>
<p>मैंने कहा &#8211; ये भी कोई मज़ाक का विषय है? मेरे दिल तुम्हारे लिए बेताब रहता है.. तुम्हारे प्यार में पागल हो चुका है&#8230;</p>
<p>मैंने थोड़ा टॉपिक पर और प्रेशर डालते हुए कहा &#8211; तुम सोच कर जवाब देना.. पर &#8216;हां&#8217; में ही देना, वरना मैं तो मर ही जाऊंगा। .</p>
<p>और फिर मैं वहां से चला गया..</p>
<p>अगले दिन मैं कॉलेज बंक करने वाला था.. दोस्तों से कह के मैं नहीं आ सकता और अगर प्रिया पूछे तो बता देना कि मैं कॉलेज नहीं आया हूं..</p>
<p>मुझे कॉलेज में ना देखकर प्रिया ने तकादा लिया दोस्तों से.. उन्होंने वही बताया जो मैंने बोलने को कहा था..</p>
<p>प्रिया ने सोचा के कहीं मैं कुछ कर ना बैठूँ.. और वो पूछते-पूछते मेरे कमरे पर आ गई.. दरवाजे पर दस्तक दी.. मैंने खोला.. प्रिया मेरे सामने खड़ी थी&#8230;</p>
<p>प्रिया बोली &#8211; आज कॉलेज क्यों नहीं आए?</p>
<p>मैं बोला &#8211; वो ज़रा आज मन नहीं कर रहा था आने का&#8230;</p>
<p>मैं तो बस टॉपिक को खींच रहा था.. प्रिया को इमोशनली मैनिपुलेट कर रहा था.. अपने प्यार में पागल करना था उसको&#8230;</p>
<p>वो बोली &#8211; राहुल. मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ&#8230; प्लीज कॉलेज आ जाओ..</p>
<p>और इतना बोलकर वो वहाँ से चली गई.. मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.. प्रिया अब मेरी हो चुकी थी.. वाह! सेक्सी प्रिया अब मेरी थी&#8230;</p>
<p>उस रात हम दोस्तों ने पार्टी की..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/college-ki-ladki-ki-chudai-seal-todi/">अपने कॉलेज की लड़की को चोदा</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहारी सब्जीवाली को पेल दिया</title>
		<link>https://hindipornstories.org/bihari-ladki-ki-chudai-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jul 2024 06:58:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[नौकर-नौकरानी]]></category>
		<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[anjaan se chudai]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[bihari ladki]]></category>
		<category><![CDATA[ladki ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[mota lund]]></category>
		<category><![CDATA[sabziwala]]></category>
		<category><![CDATA[sabziwali ko choda]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/</guid>

					<description><![CDATA[<p>इस चोदम चुदाई वाली कहानी में पढिये कैसे मैंने मटर खरीदने के बहाने एक सुडोल और चुदास बिहारी सब्जीवाली को चोद डाला अपने कमरे में। हम दोनो चुदाई के लिए राजी थे। चूत तो चोदी ... <a title="बिहारी सब्जीवाली को पेल दिया" class="read-more" href="https://hindipornstories.org/bihari-ladki-ki-chudai-story/" aria-label="Read more about बिहारी सब्जीवाली को पेल दिया">&#62;&#62; पूरी कहानी पढ़ें</a></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/bihari-ladki-ki-chudai-story/">बिहारी सब्जीवाली को पेल दिया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इस चोदम चुदाई वाली कहानी में पढिये कैसे मैंने मटर खरीदने के बहाने एक सुडोल और चुदास बिहारी सब्जीवाली को चोद डाला अपने कमरे में। हम दोनो चुदाई के लिए राजी थे। चूत तो चोदी ही, गांड में लण्ड डालकर उसकी गांड भी फाड़ डाली उस दिन। Mere sex ki talash mujhe chance diya ek bihari ladki ki chudai karna ka.</p>
<p>अगर कभी कोई चूत मेरे लंड की रेंज में आ जाए.. तो मैं उसे तब तक चोदूंगा जब तक वो फट न जाए और फट न जाए। मेरे लंड को हमेशा नई रसीली चूत की तलाश रहती है। इसी तलाश के एक दिन मुझे एक बिहारी सब्जीवाली की चूत दिलवा दी&#8230;</p>
<p>इन शब्दों के साथ, मैं आज की हॉट एक्सएक्सएक्स कहानी शुरू करूंगा और आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने एक मटर बेचने वाली के साथ वो मस्त रात बिताई और वो भी उस जगह की सबसे बड़ी चुदक्कड़ औरत बन गई&#8230;</p>
<p>वो कहते है ना, जिसको दिल से चाहो, उसने पूरी कायनात तुमसे मिलने को काम करती है.. ठीक वही हुआ मेरे साथ.. चूत के मामले में मैं काफी लकी रहा हूँ। कोई ना कोई मिल जाता था.. चोदने के लिए.. मेरी जिंदगी के आदर्श वाक्य में मैं अब तक सफल रहा था, जब भी चूत मिले, चोद दे&#8230;</p>
<p>ये सभी चीजें एक संपूर्ण जीवन बनाती हैं और मुझे अच्छा लगता है जब ऐसा कुछ होता है मेरे साथ ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मुझे आसान जीवन पसंद नहीं है। मैं तुम्हे अपने बारे में बता दूँ। मैं बहुत अच्छे परिवार से हूं और मुझे पढ़ाई का बहुत शौक है। इसीलिए मैं नई चीजों की खोज करता रहता हूं। मैं इंटरनेट पर बहुत सक्रिय हूं। सेक्स स्टोरीज पढ़ना, <a href="https://bigindianboobs.com/" target="_blank" rel="noopener">इंडियन पोर्न पिक्स</a> और वीडियो देखना आदि मेरा फुल टाइम शौक है&#8230;</p>
<p>लंड खड़ा कर देने वाली कोई स्टोरी खोजते समय मुझे यह वेबसाइट मिली। मैंने देखा कि, हर कोई अपनी कहानी एक सेक्स स्टोरी के ज़रिये शेयर कर रहा है, इस वेबसाइट पर। मैंने सोचा, मैं क्यों पीछे रहूँ? और मैं भी इस झगड़े में कूद पड़ा&#8230;</p>
<p>दोस्तों, मैं बहुत बड़ा चोदू हूँ और सूरत में रहता हूँ। मैंने कई बार सेक्स किया है।</p>
<p>तो दोस्तों.. अब मैं अपनी हॉट सेक्स स्टोरी शुरू करता हूँ जिसमें मैंने एक बिहारी सब्जीवाली लड़की को चोदा और उसे रंडी बना दिया&#8230;.</p>
<p>मैं तीन साल पहले सूरत में पढ़ाई करने आया था और मुझे ये जगह बहुत पसंद आई. वाकई गुजरात बहुत अच्छी जगह है. यहाँ की लड़कियों की आँखें इतनी नशीली हैं.. कि सिर्फ़ मैं ही नहीं बल्कि कोई भी उनमें डूब जाए. और एक बात और, यहाँ की लड़कियाँ बहुत हॉट हैं, उन्हें चुदाई का बहुत शौक है.</p>
<p>मैंने कई बार यह देखा है.. क्योंकि कॉलेज में भी लड़कियाँ मुझसे चिपकी रहती हैं&#8230;</p>
<p>अब हुआ यह कि.. कि एक दिन मैंने सोचा कि आज मैं पुलाव बनाऊँगा। मेरे पास सब्ज़ियाँ कम थीं, इसलिए मैं पास के एक सब्ज़ीवाले के पास कुछ खरीदने चला गया।</p>
<p>मुझे मटर के अलावा सब कुछ मिल गया।</p>
<p>&#8216;सर, आज मटर नहीं आया&#8217; &#8211; सब्ज़ीवाले ने कहा..</p>
<p>मैं बोला &#8211; &#8216;कोई बात नहीं, आगे कहीं से ले लूँगा&#8217;..</p>
<p>आप ये मस्तराम सेक्स कहानी बिहारी सब्ज़ीवाली लड़की की चुदाई स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं। और यह कहते हुए मैं आगे बढ़ गया, किसी सब्ज़ीवाले की तलाश में, जहाँ से मुझे मटर मिल जाए&#8230;</p>
<p>जब मैं एक चाय की दुकान से गुज़रा, जो मेरी नियमित दुकानों में से एक थी.. तो मैंने देखा कि एक लड़की मेरी तरफ़ आ रही है&#8230; उसके हाथ में टोकरी थी.. मैंने देखा कि वह सब्ज़ियाँ बेच रही थी&#8230;</p>
<p>मैंने सोचा, भगवान का शुक्र है.. अब मुझे इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा..</p>
<p>वो मेरे पास आई और बोली &#8211; &#8216;साहब, आपको मटर चाहिए?&#8217;</p>
<p>&#8216;हाँ&#8217;, मैंने उलझन में कहा&#8230; &#8216;तुमको कैसे मालूम के मुझे मटर चाहिए?&#8217;</p>
<p>उसने दूसरे सब्जी वाले की तरफ इशारा किया, जहाँ से मैंने दूसरी सब्जियाँ खरीदी थीं।</p>
<p>&#8216;उसे बताया&#8217; &#8211; उसने कहा..</p>
<p>&#8216;अच्छा&#8217;.. मैंने कहा.. &#8216;आधा किलो चाहिए&#8217;..</p>
<p>अब मैंने उसे गौर से देखा.. दिखने में बेचारी लग रही थी.. शायद पास के कोई बस्ती की थी.. लेकिन सेक्सी फिगर था उसका। रंग काला, आँकड़े जो किसी को भी मार सकते हैं.. मस्त सुडोल शरीर.. पतली कमर.. वाह!</p>
<p>वो 500 ग्राम मटर तौलने लगी..</p>
<p>&#8217;50 रुपये हुए साहब&#8217;.. उसने कहा..</p>
<p>मेरा तो उसमें दिल आ गया था.. लंड अलग पैंट फाड़ के बाहर आ रहा था.. मन तो कर रहा था के यहीं रगड़ दूँ इसे.. फिर मैंने सोचा.. किसी तरह इसको प्रोग्राम के लिए पटाना पड़ेगा&#8230;</p>
<p>मैंने कहा &#8211; &#8216;ठीक है.. ये लो पैसे&#8217;</p>
<p>और मैंने उसको 500 रुपये का नोट दिया..</p>
<p>&#8216;मेरे पास चेंज नहीं है साहब&#8217; &#8211; उसने कहा..</p>
<p>&#8216;कोई बात नहीं, मेरे पास भी चेंज नहीं है..&#8217;, &#8211; मैंने कहा, &#8211; &#8216;बाद में दे देना&#8217;..</p>
<p>&#8216;मैं शाम को आ जाऊँगी, तब मेरे पास चेंज होंगे&#8217; &#8211; उसने कहा..</p>
<p>मैंने हमी भर दी। मैंने उसे बताया कि मैं आगेवाली गली में रहती हूँ। उसको अपने कमरे का पता दे दिया.. वो मटकते हुए चली गई..</p>
<p>मैं घर चला गया और शाम का इंतज़ार करने लगा. शाम को उसको चोदने के बारे में सोचने लगा.. क्या मस्त माल है यार.. उसकी चूत में लंड डालकर रात भर चोदने में स्वर्ग का आनंद मिलेगा&#8230;</p>
<p>फ़िलहाल के लिए मैंने मुठ मार के काम चला लिया और सो गया..</p>
<p>शाम हुई. मैं तो जैसा बेताब था उसकी आवाज़ सुनने के लिए.. जैसी मेरी गर्लफ्रेंड हो वो.. क्या हो गया था मुझे?&#8230;.</p>
<p>तभी दरवाजे पर दस्तक हुई. मैंने दरवाजा खोला और देखा, वो सामने खड़ी थी.. मुस्कुरा रही थी.. उसके माथे पर पसीना था, कमर भी पसीने से चमक रही थी..</p>
<p>मेरा लंड सलामी दे रहा था.. मैं बरमूडा में था, और वो तंबू बन रहा था..</p>
<p>&#8216;अंदर आओ&#8217; &#8211; मैंने उसे अंदर आने का इशारा किया..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/bihari-ladki-ki-chudai-story/">बिहारी सब्जीवाली को पेल दिया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चुदाई करते हुए पकड़े गये</title>
		<link>https://hindipornstories.org/chudai-karte-huye-pakda-gaye/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Apr 2023 06:17:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सएक्सएक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[chudai story]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[xxx kahani]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=3630</guid>

					<description><![CDATA[<p>उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था मेरा ऐसा करना &#124; फिर मैं उसके सामने आ गया और टॉप के ऊपर से ही जोर जोर से उसके दूध को मसलने लगा और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करने लगी थी..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/chudai-karte-huye-pakda-gaye/">चुदाई करते हुए पकड़े गये</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Chudai karte huye pakde gaye &#8211; pov sex</p>
<div>
<p>हेल्लो दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम राहुल है और मैं सतना का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 22 साल है और मैं दिखने में अच्छा हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है, और मेरा शरीर गठीला है | मेरे घर में, मैं और मम्मी-पापा ही रहते है बस | मैं अपने घर की एक लौती संतान हूँ | मैं ग्रेजुएट हूँ, और ये जो कहानी मैं आज आप लोगों के आमने पेश कर रहा हूँ | ये घटना तब की है<span id="more-126"></span> जब मैं कॉलेज में पढाई करता था | तो अब मैं ज्यादा समय व्यर्थ न करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ |</p>
<p>मैं शुरू से बहुत मस्ती खोर था और हमेशा अपने कॉलेज में टॉप लिस्ट मस्तिखोरो में रहता था | मेरे स्वभाव से किसी को कोई चिड नहीं थी क्यूंकि मैं पढाई में अच्छा था | मेरे कॉलेज में एक लड़की थी जिसका नाम अंजलि था | वो दिखने में बहुत गोरी और वो भी पढाई में अच्छी थी | उसका फिगर भी लाजवाब था | हर कोई उसको पटाने कि सोचता था पर कोई उसे पटाने से डरता था | क्यूंकि उसके पापा पोलिस में सब-इंस्पेक्टर थे | इसी वजह से किसी की हिम्मत नहीं होती थी कि कोई उसे प्रोपोस कर दे |</p>
<p>एक दिन की बात है, वो कॉलेज की लाइब्रेरी में बैठ कर पढ़ रही थी | मैं भी वहीँ पंहुचा और मैंने सही मौका देख कर उसे प्रोपोस कर दिया | वो भी मना नही कर पति क्यूंकि सभी जानते थे कि मैं जितना मस्तीखोर हूँ उतना ही पढाई में भी अच्छा हूँ | अब मेरी गाड़ी पटरी में आ चुकी थी | हम दोनों कभी भी मौका मिलते ही घूमने निकल जाते थे | कभी रेस्टुरेंट में चले जाते थे और कभी कॉलेज की कैंटीन में ज्यादातर वक़्त गुजारा करते थे | एक बार की बात है हम दोनों घूमने गये थे और तो ऐसे ही बैठे थे | तभी मेरा मन हुआ कि मैं उसे किस करू तो मैंने बात करते हुए गाल पर किस कर दिया | वो शरमा गयी और कहने लगी कि राहुल तुम ये क्या कर रहे हो ? तो मैंने कहा पागल प्यार करता हूँ तो प्यार ही करूँगा न | फिर उसने भी मेरे गाल पर किस की, मुझे अच्छा लगा तो मैंने उसका चेहरा पकड़ा और उसके होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगा | वो भी मना करने कि बजाए किस्सिंग में मेरा साथ देने लगी | शायद उसे अच्छा लग रहा था मेरा उसके साथ किस करना | फिर हम दोनों सिर्फ किस्सिंग करते हुए बहुत गरम हो गये थे और एक दूसरे को मदहोशी के हालत में देखने लगे थे | हम दोनों बस एक दूसरे को प्यार भरी नजरो से देखे जा रहे थे और कुछ कह नहीं रहे थे | फिर कुछ देर बाद हम दोनों एक दूसरे को फिर किस करने लगे और जोर जोर से एक दूसरे को चूमे जा रहे थे | उसके बाद हम दोनों अलग हुए और फिर अपने अपने घर चले गये थे |</p>
<p>एक दिन कॉलेज में ही स्टोर रूम के पास एक रूम था जो हमेशा खाली रहता था | तो मैंने उसे लंच के बाद वहां मिलने का इशारा किया था | लंच ओवर होने के बाद मेरे बताये हुए जगह पर वो आ गयी | फिर मैंने उसे पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठ में रख उसे चूसने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी | हम दोनों एक दूसरे को मदोश हो कर चूमे जा रहे थे |10 मिनट तक हमने एक दूसरे को खूब चूमा | उसके बाद मैं उसके पीछे आ गया और उसकी गर्दन चाटने और चूमने लगा | अपना लंड उसकी गांड में चुभाने लगा और सामने हाँथ कर के उसके दूध को मसलने लगा था | वो भी गरम हो चुकी थी और अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी |</p>
<p>Chudai story &#8211; <a href="https://hindipornstories.org/gigolo-se-chudwaya/" rel="bookmark">शादी टूटने के बाद जिगोलो से अपनी प्यास बुझाई</a></p>
<p>उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था मेरा ऐसा करना | फिर मैं उसके सामने आ गया और टॉप के ऊपर से ही जोर जोर से उसके दूध को मसलने लगा और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करने लगी थी | फिर मैंने उसके टॉप को उतारा और ब्रा भी उतार देने के बाद उसके दूध को मुंह में ले कर चूसने लगा | वो मदहोशी के आलम में खो चुकी थी और अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करते हुए सिस्कारियां भरने लगी थी  | मैं बहुत जोर जोर से उसके दूध को चूसे जा रहा था और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करे जा रही थी | फिर मैंने उसके बाद उसकी जीन्स उतार दी और अब वो पेंटी में मेरे सामने खड़ी थी | पिंक कलर की पेंटी में वो बहुत क्यूट लग रही थी |</p>
<p>फिर मैं उसे वहीँ टेबल पर लेटा कर उसकी चूत में अपना मुंह रख के चूत चाटने लगा और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करने लगी | मैं जोर जोर से उसकी चूत को अपनी जीभ से गोल गोल घुमाते हुए चाटे जा रहा था और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी |</p>
<p>फिर उसकी चूत 10 मिनट तक चाटने के बाद मैंने अपना जीन्स उतार दिया और उसे अपना लंड चूसने को कहने लगा | तो वो भी गरम तो हो चुकी थी तो झट से वो मेरे लंड पे लपकी और जोर जोर से चूसने लगी मेरे लंड को और मैं अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करते हुए सिसिकरिया ले रहा था | 15 मिनट तक उसने मेरे लंड को खूब अच्छे तरीके से चूसा भी और चाटा भी | मेरा लंड एक दम फौलादी हो गया था और मैं उसे अब चोदने की इच्छा जाहिर करने लगा | ऐसी गरमा गर्मी में कौन मना करता तो उसने भी हामी भर दी | फिर मैंने उसे टेबल पर ही घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में अपना लौड़ा डाल कर चोदने लगा था | वो भी अपनी गांड उचका उचका के चुदाये जा रही थी और अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी | उसकी चूत में एक अलग ही नशा था जो मुझे मदहोश किये जा रहा था | मैं जोर जोर से उसकी फुद्दी मार रहा था और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ २० मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद मैंने उसकी गांड में अपना माल झड़ा दिया |</p>
<p>अब हमे जब भी मौका मिलता हम दोनों कहीं भी चुदाई करने लग जाते | उसे मेरे साथ चुदाई करने में बहुत मजा आता | कई बार तो उसने मुझे खुद अपने घर में बुला कर खुद की चुदाई करवाई थी | एक दिन की बात है | मैं और वो गार्डन में बैठे हुए थे और एक दूसरे किस कर रहे थे | किस करते करते हम दोनों ही गरम हो गये थे | तो उसने मुझसे कहा की चलो न चुदाई करते हैं | मैं तो हमेशा तैयार रहता तो मैंने हाँ कर दिया | और उसके टॉप को ऊपर करके ब्रा को खिसका कर उसे दूध को मुंह में ले कर चूसने लगा | वो मस्ती में अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी | फिर उसने मेरी जीन्स खोल दी और नीचे सरका के मेरा लंड चूसने लगी तो मैं अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करने लगा | लंड चूसने के बाद वो अपनी पेंटी उतार कर मेरे लंड में बैठ गयी और ऊपर नीचे होने लगी साथ में अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करते हुए सिस्कारियां भरने लगी थी | 5 मिनट ही हुए होंगे उसे चोदने में कि उसके बाद पापा ने हम दोनों को पकड़ लिया |</p>
<p>वो अपने पापा के सामने नजरे नहीं मिला पा रही थी और उसके पापा के साथ जो ठुल्ले थे वो मेरी गांड तोड़ रहे थे | गलती दोनों की थी इसलिए उसके पापा ने मामला दबाने की पूरी कोशिश की | अब दोनों का मिलना जुलना बंद हो गया है क्यूंकि उसके पापा ने उसे दादा दादी के पास भेज दिया और अब वो वहीँ रह कर पढ़ रही है | हम दोनों का अब कोई आपस में कनेक्शन नहीं रहा |</p>
</div>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/chudai-karte-huye-pakda-gaye/">चुदाई करते हुए पकड़े गये</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मम्मी की सहेली की जोगिंग से आने के बाद गांड मारी</title>
		<link>https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ko-choda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 06:38:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देसी पोर्न कहानियाँ]]></category>
		<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[mastaram]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ke saheli ko choda]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ki saheli]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ki saheli ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Saheli ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=6820</guid>

					<description><![CDATA[<p>उन्होंने भी अपनी सलवार को नीचे करते हुए अपनी गांड को मेरे सामने कर दिया जैसे ही मैंने उनकी बड़ी और मोटी गांड को देखा तो मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया। मैंने उनकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उनकी गांड के अंदर घुसा..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ko-choda/">मम्मी की सहेली की जोगिंग से आने के बाद गांड मारी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>
<p>Mummy ki saheli ko choda &#8211; Antervasna Free Sex Kahani मेरा नाम रमन है मैं विदेश में रहता हूं, मेरी उम्र 27 वर्ष है। मेरा परिवार गाजियाबाद में रहता है और मुझे 3 वर्ष हो चुके हैं जब से मैं घर नहीं गया। मैं यहीं पर नौकरी कर रहा हूं और मैंने जब कॉलेज की पढ़ाई की थी उसके बाद ही मेरी नौकरी एक विदेशी कंपनी में लग गई इसलिए मुझे यहां पर ज्वाइन होना पड़ा।<span id="more-663"></span></p>
<p>मुझे 3 साल हो चुके हैं लेकिन मैं अभी तक घर नहीं गया हूं। मैं हमेशा अपने माता पिता को फोन करता हूं और उनके हाल-चाल पूछ लेता हूं। मेरे पिताजी स्कूल में प्रिंसिपल हैं और मेरी मम्मी भी स्कूल में टीचर हैं, मेरी बहन अभी कॉलेज में पढ़ रही है। मैं उनसे हमेशा ही फोन पर बात करता हूं और उनके हाल-चाल पूछ लिया करता हूं। उन लोगों ने मुझे एक अच्छे कॉलेज में दाखिला दिलवाया, जिससे कि मेरा विदेश में ही नौकरी का हो पाया। मैं अपने जीवन से बहुत ही खुश हूं, मैंने जब भी अपने माता पिता से कुछ भी चीज मांगी तो उन्होंने तुरंत ही मुझे लाकर दी।</p>
<p>उन्होंने मुझे बचपन से बहुत ही प्रेम किया जिससे कि मैं भी उनका बहुत आदर और सम्मान करता हूं। मेरे जितने भी दोस्त मेरे घर पर आते थे तो वह सब मेरे माता-पिता की बहुत तारीफ करते थे और कहते थे कि तुम्हारे माता-पिता बहुत ही अच्छे हैं और वह तुम्हें बहुत अच्छे से समझते हैं। मुझे भी अपने माता और पिता पर बहुत गर्व होता था। वह मुझे हमेशा ही समझाते रहते थे कि तुम अपने जीवन मैं मेहनत करो, जिससे कि तुम्हारा भविष्य बहुत अच्छा हो इसलिए मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई बहुत ही अच्छे से की और जब मेरा इंटरव्यू हुआ तो मैंने अपना इंटरव्यू बहुत अच्छे से दिया था।</p>
<p>इसी वजह से मेरा सिलेक्शन इस कंपनी में हो गया क्योंकि मैंने 3 साल का कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया था, वह खत्म होने वाला था जैसे ही मेरा एग्रीमेंट खत्म हुआ तो मैं घर जाने की तैयारी करने लगा। मैंने अपने पिताजी को भी फोन किया और कहा कि मैं घर आ रहा हूं। मैंने अब अपने फ्लाइट की टिकट करवा ली थी और कुछ दिनों बाद ही मैं घर जाने वाला था।</p>
<p>Mummy ki saheli ko choda aur gaand bhi maari</p>
<p>उस बीच में मैंने अपना सारा काम कर लिया था ताकि जब मैं वापस लौटू तो मुझे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो। मेरे साथ में जो लड़का रहता था वह कहने लगा कि तुम यदि मेरे घर पर जाओ तो मेरा सामान घर पर पहुंचा देना। हम दोनों का ही साथ में सिलेक्शन हुआ था इसलिए मैंने उसे कहा ठीक है तुम वह सामान मुझे दे दो, मैं तुम्हारा सामान घर पर पहुंचा दूंगा। मैंने उससे उसका सामान ले लिया। उसका परिवार भी गाजियाबाद में ही रहता है। जब मैं घर पहुंचा तो मेरे पिताजी बहुत खुश हुए और कहने लगे कि हम तुम्हे इतने वर्षों बाद देख रहे हैं, हमें बहुत ही अच्छा लग रहा है।</p>
<p>मैं अपने परिवार वालों से मिलकर बहुत खुश था और मैं काफी दिनों तक घर पर ही रहा। कुछ दिन बाद मुझे ध्यान आया कि मुझे अपने दोस्त का सामान भी देना है, मै उसका सामान देने के लिए उसके घर पर चला गया। उसकी मम्मी ने मुझे कहा कि तुम कुछ देर बैठ जाओ। मैंने उन्हें कहा कि आंटी अभी मुझे लेट हो रही है, मैं किसी और दिन घर पर आऊंगा और फुर्सत से आपके घर पर बैठूंगा। मैं ज्यादा देर उनके घर पर नहीं रुका और वहां से मैं अपने घर लौट आया। जब मैं अपने घर लौट आया तो मैं अपने लैपटॉप में गाने सुन रहा था और मैंने अपने कान में हेडफोन लगाए हुए थे लेकिन मुझे गाने सुनते सुनते नींद आ गई, मुझे मालूम भी नहीं पड़ा कब मुझे नींद आ गई। मैं शाम के वक्त उठा, शाम को जब मैं उठा तो उस वक्त मेरी मम्मी की सहेली हमारे घर पर आई हुई थी।</p>
<p>Mastram Story &#8211; <a href="https://hindipornstories.org/bhai-ke-office-mein-behan-chud-gayi/" rel="bookmark">भाई के ऑफिस में बहन चुद गयी</a></p>
<p>मुझे उनकी आवाज सुनाई दे रही थी क्योंकि मैं कमरे के अंदर ही था। मैं जब उठा तो मैं बाहर चला गया। मेरी मम्मी ने अपनी सहेली से मुझे मिलवाया और कहने लगी यह शर्मिला है और हमारे पड़ोस में ही रहती हैं,  मैंने उन्हें इससे पहले कभी भी नहीं देखा था। मैंने उन आंटी से पूछा कि मैंने आपको इससे पहले कभी नहीं देखा, वह कहने लगी कि हम लोग कुछ समय पहले ही यहां पर शिफ्ट हुए हैं। उनकी मेरी मम्मी के साथ बहुत अच्छी बनती थी इसलिए वह हमारे घर पर हमेशा ही आती थी। अब मैं अपने घर पर ही था और शर्मिला आंटी भी हमेशा ही घर पर आती थी।</p>
<p>Mummy ki saheli ko choda uske pati ke saamne</p>
<p>एक दिन वह मुझसे पूछने लगी की तुमने तो अपनी बॉडी बहुत ही अच्छी बनाई हुई है, मैंने कहा कि मैं विदेश में रहता हूं और मुझे जिम का पहले से ही शौक था इसीलिए मैं जिम में बहुत देर तक कसरत करता हूं। मैंने उन्हें कहा कि आपने भी तो अपना शरीर बहुत मेंटेन करके रखा हुआ है क्योंकि वह अपना बुटीक चलाती हैं इसलिए उन्हें अपने आप को मेंटेन करना अच्छा लगता है। वह कहने लगी कि मैं भी अपने शरीर पर बहुत ध्यान देती हूं।</p>
<p>जब मैं घर पर था तो मैं उस वक्त भी मैं जिम जाता था और शर्मिला आंटी भी जिम में शाम के वक्त आती थी। वह कभी-कभार मुझे मिल जाया करती तो मैं उनसे बात कर लिया करता था और कभी वह हमारे घर पर आ जाती तो वह मुझसे बात कर लेती थी। मैं अपने पुराने दोस्तों से मिलने के लिए उनके घर चला गया। मेरे दोस्त मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और कहने लगे कि तुम बहुत समय बाद विदेश से लौटे हो। वह लोग मुझसे मिलकर बहुत ज्यादा खुश थे। मैं उनसे मिलकर अपने घर वापस लौट आया, मैंने उस दिन जल्दी खाना खा लिया था और मैं सो गया। अगले दिन जब मैं सुबह उठा तो मैंने सोचा कि क्यों ना आज सुबह मॉर्निंग वॉक पर चला जाऊं क्योंकि मैं बहुत जल्दी उठ गया था इसलिए मैं उस इन मॉर्निंग वॉक पर चला गया।</p>
<p>मैं अपने घर के पास के पार्क में चला गया और वहां पर मैं जोगिंग करने लगा।  जब मैं जॉगिंग कर रहा था तो उस दिन शर्मिला आंटी भी मुझे दिख गई वह भी जोगिंग कर रही थी। जब वो जोगिंग कर रही थी तो उनकी बडी बडी गांड और स्तन हिल रहे थे। मैं उन्हें काफी देर से देखे जा रहा था लेकिन उन्होंने मुझे नहीं देखा। जब उन्होंने मुझे देखा तो वह मुझे कहने लगी क्या तुम रोज जोगिंग आते हो। मैंने उन्हें कहा कि नही मैं आज ही आया हूं। हम दोनों घर साथ जा रहे थे लेकिन रास्ते में मैंने उनकी गांड पर हाथ मार दिया। जब हम लोग उनके घर के पास पहुंच गए तो वह कहने लगी कि तुम चाय पी कर चले जाना।</p>
<p>मैं आपके घर पर चला गया हूं और जब वह चाय बना रही थी तो मैने बड़ी जोर से उन्हें दबा दिया। मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया तो उनकी गांड मुझसे टकरा रही थी मेरा पूरा लंड खड़ा हो चुका था। उन्होंने भी अपनी सलवार को नीचे करते हुए अपनी गांड को मेरे सामने कर दिया जैसे ही मैंने उनकी बड़ी और मोटी गांड को देखा तो मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया। मैंने उनकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उनकी गांड के अंदर घुसा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और मैं बड़ी तेजी से उन्हें  झटके देने लगा। वह पूरे मूड में आ चुकी थी वह अपनी गांड को मेरे लंड से टकराने लगी।</p>
<p>मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब वह अपनी गांड को मुझसे टकरा रही थी। मैंने उन्हें कहा कि आप अपनी गांड को इस प्रकार से मुझसे टकरा रही है मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के देना शुरू कर दिया और बड़ी तेज तेज मैं उन्हें धक्के मार रहा था। उनक गांड से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकलने लगी और मुझसे भी उनकी गांड की गर्मी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रही थी और उसे गर्मी के बीच में मेरा माल शर्मिला आंटी की गांड में गर गया। जैसे ही मेरा माल उनकी गांड गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। उन्होंने मुझे कहा कि तुमने तो बहुत ही अच्छे से मेरी गांड मारी है मुझे बहुत मजा आया तुमने जिस प्रकार से मेरी गांड के घोड़े खोल दिए। उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे सकिंग कर रही थी। वह अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को चूसती जाती जिससे कि मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और वह भी बहुत खुश थी।</p>
<p>उन्होंने चूसते चूसते मेरे माल को अपने मुंह के अंदर ही ले लिया। उसके बाद उन्होंने मेरे लिए गरमा गरम चाय बनाई और मैंने वह चाय पी ली। उसके बाद मैं अपने घर चला गया लेकिन मुझे उनकी गांड मारने में जो मजा आया वह मजा मुझे आज तक कभी भी नहीं आया था।</p>
<p>Kaisi lagi meri sex kahani &#8211; Mummy ki saheli ko choda ?</p>
</div>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ko-choda/">मम्मी की सहेली की जोगिंग से आने के बाद गांड मारी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शादी टूटने के बाद जिगोलो से अपनी प्यास बुझाई</title>
		<link>https://hindipornstories.org/gigolo-se-chudwaya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 06:29:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[अन्तर्वासना]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasana]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasn]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antarwasn]]></category>
		<category><![CDATA[antarwasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasana]]></category>
		<category><![CDATA[antervasn]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[chut chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desikahani]]></category>
		<category><![CDATA[desitales]]></category>
		<category><![CDATA[ghar me chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Gigolo se chudwaya]]></category>
		<category><![CDATA[hindi porn kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi porn stories]]></category>
		<category><![CDATA[mast chudai]]></category>
		<category><![CDATA[mastram]]></category>
		<category><![CDATA[meri chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=6827</guid>

					<description><![CDATA[<p>उसने हम दोनों की गांड को पूरा गीला कर दिया था। रिया ने उसके लंड को अपने हाथ से हिलाया और मेरी चूत में डाल दिया जैसे ही उसने मेरी चूत मे डाला। उसका पूरा लंड मेरे अंदर तक जा चुका था। वह मेरी चूतड़ों को पकड़कर धक्के मार रहा था..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/gigolo-se-chudwaya/">शादी टूटने के बाद जिगोलो से अपनी प्यास बुझाई</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Gigolo se chudwaya &#8211; मेरा नाम आशा है मेरी एक दोस्त है उसका नाम रिया है हम दोनों बेस्ट फ्रेंड है। हम दोनों ने अभी अभी कॉलेज पूरा किया था और उसके बाद हम दोनों ने कॉल सेंटर में जॉब के लिए इंटरव्यू दिया। हम दोनों उसमें सेलेक्ट हो गए और अगले दिन से हमें जॉब पर जाना था। मैं और रिया साथ में जॉब पर जाया करते थे। मैं उसके घर उसे<span id="more-876"></span> पिक करने जाती थी और फिर हम दोनों साथ में ही जाया करते थे।</p>
<p>कुछ समय बाद मेरी शादी एक अच्छे घर में तय हुई यह बात मैंने अपने दोस्त रिया को बताई और उसके बाद हमने कॉल सेंटर से आ कर पार्टी की और खूब इंजॉय किया। उसके बाद हम दोनों घर चले गए थे और फिर जब दूसरे दिन हम ऑफिस जा रहे थे तब रिया ने मुझसे पूछा कि शादी कब की फिक्स हुई है। मैंने कहा एक हफ्ते बाद की फिर वह बोली कि इतनी जल्दी अभी तो हमने कुछ शॉपिंग भी नहीं की और शादी धूमधाम से होगी ना मैंने कहा मेरी शादी धूमधाम से नहीं होगी बस ऐसे ही सिंपल तरीके से शादी होगी क्योंकि मेरे पापा इतना अफोर्ड नहीं कर सकते। उसके बाद रिया ने कहा की शादी का थोड़ा खर्चा वह देगी और शादी धूमधाम तरीके से होगी।</p>
<p>मैंने उसे मना किया लेकिन वह दोस्त होने के नाते मेरी मदद करना चाहती थी फिर कुछ दिनों बाद मेरी शादी हुई। सब लोगों ने खूब इंजॉय किया और मेरे दोस्त रिया मेरे ही साथ थी। Sex kahani padhiye &#8211; <a href="https://hindipornstories.org/bahan-ke-saath-zabardast-garm-sex/" rel="bookmark">मेरी बहन के साथ भयानक गर्म सेक्स</a></p>
<div>
<p>शादी होने के बाद मैं अपने ससुराल चली गई और कुछ दिन छुट्टी पर थी मैं और मेरे पति हनीमून के लिए गोवा गए थे। उसके कुछ दिनों बाद हम घर लौटे घर लौटने के बाद में सीधे अपने  ऑफिस के लिए गई। ऑफिस में रिया मुझसे पूछने लगी कि कैसा रहा हनीमून मैं शरमाते हुए अपने काम पर लग गई फिर वह भी अपने काम पर लग गई थी।</p>
<p>पहले तो हम दोनों हमेशा साथ में जाया करते थे लेकिन शादी के बाद ऐसा नहीं हुआ। एक दिन रिया मुझे फोन पर फोन किए जा रही थी लेकिन मैंने उसका फोन पिक नहीं किया। उसका फोन मेरे हस्बैंड ने पिक किया और कहा कि मैं आज ऑफिस नहीं आऊंगी। उसके बाद उन्होंने फोन कट कर दिया। दूसरे दिन जब मैं ऑफिस गई तो रिया ने मुझसे मेरे ऑफिस ना आने का कारण पूछा मैंने उससे कहा कि मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी इसीलिए मैं ऑफिस नहीं आ पाई।</p>
<p>कुछ दिनों तक तो मैं ऑफिस आई लेकिन उसके कुछ दिन बाद मैं दो-तीन दिन तक ऑफिस ही नहीं गई। रिया ने मुझे बहुत फोन किए लेकिन मैंने उसका फोन नहीं उठाया अगर मैं उसका फोन उठाती तो वह मुझसे बहुत सवाल करती है और उन सवालों के जवाब मैं उसे दे नहीं सकती थी फिर हमारे स्टाफ के किसी दोस्त ने रिया को बताया कि मैं काफी दिन से अपने घर पर हूं। ससुराल में नहीं हूं और उस दिन रिया ऑफिस से सीधे हमारे घर पर आई। उस ने बेल बजाई और मैं दरवाजा खोलने गई जैसे ही मैंने दरवाजा खोला सामने रिया खड़ी थी। मैं उसे देखकर हैरान रह गई कि वह इस समय यहां क्या कर रही है वह तो मेरा हाल चाल पूछने आई थी कि मैं ऑफिस क्यों नहीं आ रही हूं।</p>
<p>Gigolo se chudwane ke antarvasna me jal rahi thi main..</p>
<p>फिर उसने मुझे पूछा कि मैं इतने दिन से कहां थी और ऑफिस क्यों नहीं आ रही थी और मैं उसे अपने कमरे में लेकर गई फिर उसके काफी कहने पर मैंने उसे अपनी सारी बात बताई।  अब मैं उस घर में शादी करके पछता रही हूं पहले तो मुझे लगा कि बहुत अच्छा परिवार है लेकिन जब मैं शादी कर के वहां गई तो मुझे पता चला कि वह लोग कैसे हैं।</p>
<p>मैंने रिया को बताया कि मेरे पति  गे हैं। इसी वजह से हम लोगों ने हनीमून में भी कोई इंजॉय नहीं किया और मैंने तुम्हें कुछ भी नहीं बताया कि हमारे बीच में क्या हुआ। अब मैं बहुत परेशान हूं इसलिए मैं अब अकेले ही रहना चाहती हूं मुझे कोई नहीं चाहिए  जिससे मैं बात करूं। रिया ने मुझे कहा तू चिंता मत कर मैं तेरी सारी समस्या का हल कर दूंगी तू मुझे बता कि तुझे अभी क्या जरुरत है। उसने मुझे कहा कि मैंने बड़ी उम्मीदों से शादी की और मैंने अपनी चूत भी नहीं मरवाई। मैं ऐसे ही बैठी रही कई दिनों से मेरी प्यास नहीं बुझी  है। रिया ने कहा कि एक काम करते हैं हम जिगोलो सर्विस में फोन करते है और किसी को बुलाते हैं।</p>
<p>हमने जिगोलो सर्विस में फोन किया और वहां से थोड़ी देर बाद एक लड़का हमारे घर पर आ गया। वह दिखने में बहुत ही हैंडसम और उसकी बॉडी एकदम पर्फेक्ट थी। रिया ने मुझसे कहा कि तू फिलहाल अपनी टेंशन भुलकर  इससे अपनी चूत मारवा तुझे बहुत अच्छा लगेगा। मैंने उसे कहा ठीक है मैं इसे अपनी चूत मरवाती हूं। तू भी क्या मेरा साथ देगी उसने कहा मैं भी सथ मे चुदवाऊंगी हमने उस लड़के से उसका नाम पूछा उसने अपना नाम जैकी बताय।</p>
<p>उसने हम दोनों के कपड़े  बड़े ही आराम से खोलें और उन्हें साइड में रख दिया अब उसने भी अपने कपड़े खोल दिए थे और उसका लंड खड़ा हो रखा था। हमने उसके लंड को अपने मुंह में लिया। पहले मैंने ही उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया जैसे ही मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेती तो वह मेरे गले तक अपने लंड को उतार देता। जिसे मेरे मुंह से झाग बाहर आ जाता।</p>
<p>Gigolo ka mota lund!!</p>
<p>थोड़ी देर तक मैंने ऐसा किया। उसके बाद रिया ने भी उसके लंड को अपने मुंह में लेना शुरू किया और उसे अच्छे से चूसती रही मुझे फिलहाल तो सब अच्छा लग रहा था। उसने हम दोनों को घुटने के बल घोड़ी बना दिया और हमारी चूत चाटने लगा जैसे ही उसने ऐसा किया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों की गांड को वह चाट रहा था हम दोनों बहुत खुश हो रही थी। वह अपनी जीभ से ऐसे ही अच्छे से चाटे जा रहा था। उसने हम दोनों की गांड को पूरा गीला कर दिया था। रिया ने उसके लंड को अपने हाथ से हिलाया और मेरी चूत में डाल दिया जैसे ही उसने मेरी चूत मे डाला। उसका पूरा लंड मेरे अंदर तक जा चुका था। वह मेरी चूतड़ों को पकड़कर धक्के मार रहा था। यह सब मुझे ऐसा लग रहा था मानो जो मेरे पति नहीं कर पाए हो वह जैकी कर रहा है। वह बड़ी तेजी से झटके मारता और मेरे चतडो को हिला कर रख देता मैं भी अपने चूतड़ों को उसकी तरफ करती जा रही थी। ऐसा हम दोनों ने काफी देर तक किया मेरा अब झड़ने को हो गया था। मैं तो ऐसे ही घोड़ी बनी रही और जैकी धक्के मारे जा रहा था। कुछ ही समय बाद उसका भी वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उसके माल को अपने मुंह में ले लिया।</p>
<p>उसने रिया की चूत को भी चाटना शुरू किया। वह बहुत ही अच्छी तरीके से चाट रहा था उसने रिया की भी चूत मे अपना लंड डाल दिया जैसे ही उसने अपना लंड डाला तो वह चिल्ला उठी और बहुत ही मजे लेने लगी। वह बड़ी तेज झटके मारे जा रहा था। जिससे कि रिया बहुत खुश हो रही थी उसने रिया को भी ऐसे ही 10 मिनट तक चोदा उसके बाद उसका गिरने वाला था तो उसने रिया की चूत मे ही अपना वीर्य गिरा दिया।</p>
<p>मेरी प्यास बुझी नहीं थी और मैंने उसे कहा कि मुझे तुम एक और शॉट मारो लेकिन इस बार बड़ी जानदार और अच्छी तरीके से मुझे चोदना। उसने कहा आप चिंता मत कीजिए इस बार मैं आपकी चूत को पूरा उठा कर रख दूंगा। उसने मुझे वही बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी दोनों टांगों को चौड़ा किया। उसके बाद उसने पहले तो मेरी चूत को अच्छे से चाटा अब मेरा पानी निकलने लगा। तो उसने अपने लंड को मेरी चूत मे डाल दिया। मेरा शरीर बहुत ही गर्म हो रहा था और उसका भी शरीर एकदम गर्म  हो गया। वह ऐसे ही झटके मारता रहा और आधे घंटे तक उसने मेरी चूत को अपने लंड से रगडता रहा।</p>
<p>मुझे उसने इतना चोदा की मेरा शरीर पूरा पसीना-पसीना हो चुका था और मेरा कब का झड़ चुका था लेकिन वह मुझे छोड़ ही नहीं रहा था। उसका झड़ने वाला था तो उसने मेरी चूत के अंदर डाल दिया और आपने लंड बाहर निकाला मुझे बहुत अच्छा लगा। उसने हम दोनों को कपड़े पहनाए और अपने कपड़े भी पहने उसके बाद मैंने रिया का धन्यवाद कहा और उसे कहा कि तुम मेरी बहुत अच्छी दोस्त हो। तुमने मेरी हर जगह मदद की है।</p>
<p>मैंने अपने पति को डिवोर्स दे दिया था और जब हमारा मन होता तो हम किसी जिगोलो को बुला लेते हैं और उससे ही अपनी चूत मरवाते है।</p>
<p>Kaisi lagi aapko meri kahani jisme maine Gigolo se apne chut ko chudwaya?</p>
</div>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/gigolo-se-chudwaya/">शादी टूटने के बाद जिगोलो से अपनी प्यास बुझाई</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मम्मी की दोस्त की चूत और हमारी अन्तर्वासना</title>
		<link>https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ki-chut-ki-antervasna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jun 2022 14:16:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[अन्तर्वासना]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[desiporn]]></category>
		<category><![CDATA[hindiporn]]></category>
		<category><![CDATA[hindisex]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ki antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[mummy ki saheli]]></category>
		<category><![CDATA[mummy porn]]></category>
		<category><![CDATA[Saheli ki chudai]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=6172</guid>

					<description><![CDATA[<p>आंटी के साइड बूब्स मुझसे टच हो रहे थे और मेरा लंड खड़ा हो गया &#124; मैंने कहा आप इनती मस्त हैं की आपको देखके समझदारी अपने आप निकल जाती है &#124; मुम्मी ने कहा ऋतू मैं थोड़ी देर में आती हूँ बगल वाले के घर से..</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ki-chut-ki-antervasna/">मम्मी की दोस्त की चूत और हमारी अन्तर्वासना</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हैं आप सब मैंने सोचा आज आपसे कुछ शेयर कर लेता हूँ क्यूंकि मुझे चुप नहीं रहा जाता | तो दोस्तों आज की कहानी में चुदाई तो है ही पर मुझे आपको ये बताना है की मैंने एक चुदाई नहीं की है | मैंने कई चुदाई की है और मुझे ये बताना है कि मैंने अपनी मैडम से लेके अपनी कुतिया तक चोदा है | हाँ ये अजीब बात है पर मेरी सेक्स की चाहत इतनी है कि मैं खुद को रोक नहीं पाता |</p>
<p>इसलिए मैने जो सामने आए उसको चोद डाला | अब मैं आपको एक एक करके बताऊंगा मैंने कैसे चुदाई की और किस किस को पेला मैंने तबीअत से | इसलिए तैयार हो जाइए चुदाई की कहानी सुनने के लिए | मैं हूँ मनीष और मैं रहता हूँ पुराने कंचनपुर में | इमली के पेड़ के पास मेरा घर है | मुझे ब्लू फिल्म देखने का बहुत शौक है | और मैं पहेलवान भी हूँ तो मेरे अन्दर गर्मी बहुत है | अब मुझे अपनी कहानी सुनाने में आना चाहिए क्यूंकि मैंने अपने बारे में आपको सब बता दिया और अब आप कहानी का मज़ा लीजिये | चलिए अब आरम्भ होती है मेरी चुदाई क्रिया और ये रहा आपके सामने पहला दृश्य |</p>
<p>आप सब तो जानते हैं हर मम्मी की कोई न कोई दोस्त होती है मेरी मम्मी की भी है | उनको मैं बड़े प्यार से ऋतू आंटी बोलता हूँ | मैंने पहली बार उनको एक पार्टी में देखा था जहाँ वो एक सलवार सूट में आई थीं | कमाल लग रही थी पता ही नहीं चल रहा था कि वो ४० साल की हैं | मैंने उनको देखते ही मन में सोचा कास ऐसी बीवी मुझे मिल जाए कभी किसी को चोदने का मन नहीं करेगा बस इसकी चूत में ही लंड डाल के रखूँगा जिंदगी भर | पहले जब उन्होंने मुझे देखा तो कहा अरे तनु तेरा बेटा कितना बड़ा हो गया है | उन्होंने मेरे कंधे पे हाथ रखा और कहा मनीष बेटा मुझे पहचानता है |</p>
<p>मैंने कहा नहीं तो उन्होंने कहा बेटा जब तू छोटा था न तू मेरी गोद में ही रहता था हमेशा | मेरे ऊपर कितनी बार पेशाब की है तू जानता है न | अब कोई और होता तो इस बात पे शर्मा जाता पर मैं सोच रहा था बचपन में मैं इस माल के ऊपर रहता था | कितना हसीन होगा वो मंज़र जब ये मुझे सीने से लगाती होगी और इतना देखके ही मेरी नज़र उसके दूध पर पड़ गई | मस्त बड़े बड़े थे और उसके बीच की नाली साफ दिख रही थी | मैंने सोचा मम्मी की इतनी अच्छी दोस्त मुझसे आज तक क्यूँ नहीं मिली | फिर मम्मी और वो बात करने लगे | मैं अहि खड़ा था तो मुझे पता चला उनके पति ने उनको छोड़ दिया है और उनके बच्चे भी नहीं है | मैंने सोचा कि ऐसा मौका तो किस्मत वालों को ही मिलता है | बस फिर क्या था मैंने इंतज़ार शुरू कर दिया उनके घर आने का |</p>
<p>मैंने सोचा क्या होगा अगर मैंने इसके साथ जबरदस्ती कर दी तो | पर मैं ये नहीं चाहता था क्यूंकि इससे हर तरफ ढिंढोरा पिट जाता | इसलिए मैंने विगोरा की गोली लाके रख ली और बस करने लगा इंतज़ार | सब्र का फल मीठा होता है ये बस सुना था मैंने पर इस बार मेरा सपना सच हो गया | पर मुझे एक बात समझ नहीं आई की आंटी मुझसे चिपक बहुर रही थी पर फिर भी मैंने सोचा की दवाई का पूर्ण इस्तमाल करूँगा | जैसे ही आंटी घर आई मुम्मी ने कहा मनीष बेटा आंटी को पानी दे | मैंने आंटी के पानी में दवाई मिला दी और उनको पिला दिया | आंटी ने मुझे पास बैठाया और गले में हाथ डालके कहा क्यों बच्चे इतने समझदार हो गए तुम |</p>
<p>आंटी के साइड बूब्स मुझसे टच हो रहे थे और मेरा लंड खड़ा हो गया | मैंने कहा आप इनती मस्त हैं की आपको देखके समझदारी अपने आप निकल जाती है | मुम्मी ने कहा ऋतू मैं थोड़ी देर में आती हूँ बगल वाले के घर से आज रात तो तू वैसे भी यहीं रुकेगी तो आराम से चली जाना | मैंने सोचा वाह लाटरी लग गयी | आंटी को दवाई का असर होने लगा और मुझसे थोडा दूर होक बैठ गयी | आंटी का हाथ मेने फिर से अपने गले में डाला और कहा आप बताओ न क्या चल रहा है | आंटी ने बताना शुरू किया और मेरे गले पे हाथ फिराने लगी | मैंने भी हलके से आंटी के साइड बूब्स पे हाथ फेरने लगा |</p>
<p>फिर एक दम से हटा लिया आंटी ने कहा कर लो बड़े तो हो ही गए कार्लो जो कर रहे थे | अब तो मेरा हौसला आसमान के ऊपर था और मैंने तुरंत आंटी के बूब्स को सामने से दबाना चालु कर दिया | अब आंटी ने अपने बूब्स बाहर निकाले ब्रा से और कहा अच्छे से करो | मैंने थोड़ी देर तक उनके बूब्स को दबाया और निपल्स को भी मसला फिर उन्होंने मेरा मुह अपने निप्प्लस पे लगाके कहा चूसो इनको | मैंने चूसते हुए उनके निप्प्लस को कड़क कर दिया और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | मैंने कई बार उनसे कहा आंटी थोडा धीरे करो पर वो सुन ही नहीं रही थी |</p>
<p>फिर उन्होंने अपना पूरा सूट उतार दिया अब उन्होंने मेरा एक हाथ अपनी चूत पे रखवा दिया और खुद ही रगड़ने को बोलने लगी | मैंने उनकी चोट को अपनी बीच की उन्ग्लू से रगड़ना चालु किया और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करती रही | फिर मैंने अपनी ऊँगली से ही उनको चोदना चालु कर दिया |</p>
<p>उसके बाद उन्होंने मेरा लंड खोला और मुझे सामने बुलाया और कहा इसको डालो अन्दर | मैंने अपना लंड डाला तो मुझे गरम गरम लगा | मैं आगे पीछे हो रहा था और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी |</p>
<p>करीब आधे घंटे तक चुदने के बाद जैसे ही मम्मी ने आवाज़ लगायी उन्होंने मेरा लंड निकला और अपने मुह के ऊपर हिलाने लगी | मैंने आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर ज़ोरदार मुठ की बारिश उनके मुह पे कर दी |</p>
<p>पर अब मुझे और चुदाई की तलब लगने लगी और आंटी भी दवाई के नशे से बाहर आ गयी | मुझे तो लगा बस अब तो सारा मज़ा किरकिरा हो गया | मैं रात को खाना खाने के बाद अपने रूम में गया और आंटी और मम्मी गप्पे मार रही थी | रात के 12 बजे मैंने अपना निकाल के उसको हिलाना चालु कि तभी मेरा दरवाज़ा खुला और आंटी आ गयी | वो मेरा लंड पकड़ के चूसने लगी और मेरे मुह से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः की आवाज़ निकलने लगी | इन्होने मेरा लंड मस्त चूसा और मुझे झडवा भी दिया | उसके बाद वो अपनी छोट मेरे लंड पे रगड़ने लगी और उसके बाद मेरे मुह के पास अपनी चूत लेके आई और कहा इसको चाटो | मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया |</p>
<p>उनकी बड़ी बड़ी गांड मेरे मुह से टकरा रही थी तो मैंने एक ऊँगली उनकी गांड के छेद में डाल दी और उसको चोदने लगा | आंटी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ही कर रही थी | फिर थोड़ी देर बाद मैंने उनकी चोट को चाटना बंद किया और उनके छेद में अपना लंड डाला पर इस बार गांड के छेद में डाला | मैंने उन्हें घोड़ी बना के चोदा और वो बस अपनी चूत को रगड़ते हुए सिस्कारियां ले रही थी | इतना मज़ा आया उनको चोदने में कि क्या बताऊँ मैं आपको | पूरी रात की चुदाई के बाद आंटी ने कहा अब मैं यही बाजू वाले घर में रहने आ गयी हूँ तो तु कभी भी आ जाना |</p>
<p>मेरी तो सच में लाटरी लग गयी और मम्मी भी खुश अपनी दोस्त से और लड़का भी खुश मम्मी की दोस्त की चूत से |</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/mummy-ki-saheli-ki-chut-ki-antervasna/">मम्मी की दोस्त की चूत और हमारी अन्तर्वासना</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेहा की कुंवारी चूत</title>
		<link>https://hindipornstories.org/neha-ki-kunwari-choot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Mar 2022 10:04:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Antarvasna Sex Pics]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Sex Kahaniya]]></category>
		<category><![CDATA[Sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[choot chudai]]></category>
		<category><![CDATA[chut chudai]]></category>
		<category><![CDATA[desi kahani]]></category>
		<category><![CDATA[desipornstory]]></category>
		<category><![CDATA[hindipornstory]]></category>
		<category><![CDATA[Kunwari Choot ki Chudai ki kahani]]></category>
		<category><![CDATA[kunwari chut]]></category>
		<category><![CDATA[mast chudai kahani]]></category>
		<category><![CDATA[neha ki chudai]]></category>
		<category><![CDATA[neha ki kunwari choot]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=5164</guid>

					<description><![CDATA[<p>मैंने उसके मम्मे चूसने शुरू किए और वो बिल्कुल गर्म हो गई थी, उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था और वो मेरी बाँहों में झूलने लगी, मैंने उसे उठा कर बेड पर लिटा लिया...</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/neha-ki-kunwari-choot/">नेहा की कुंवारी चूत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Kunwari Choot ki Chudai ki kahani &#8211; दोस्तो, मेरी जिन्दगी में भी ऐसा एक मौका आया जब मैंने बारहवीं कक्षा की पढ़ाई के लिए स्कूल जाना शुरू किया था। मेरे स्कूल का रास्ता एक ऐसी कालोनी से होकर गुजरता था जहाँ पर जयादातर लोग व्यापारी थे, उन घरों में आदमी सुबह जल्दी दुकानों पर चले जाते थे और देर शाम तक घर आते थे।</p>
<p>स्कूल से आते समय एक घर की खिड़की में एक लड़की अक्सर बैठी दिखाई देती, शुरू शुरू में तो ज्यादा ध्यान नहीं दिया पर कुछ ही दिनों में ऐसा लगने लगा कि वो भी मुझे देख कर मुस्कुरा देती है और नीचे देखने लगती है।</p>
<p>मुझे बहुत मज़ा आने लगा और यह हर रोज़ का काम हो गया, हम एक-दूसरे को देख कर मुस्कुराते, हाथ से इशारा करते और मैं अपने घर आ जाता।</p>
<p>एक दिन वो मुझे बैठी नहीं दिखाई दी तो मेरे मन जैसे बेचैन हो गया और दिल में बुरे बुरे ख्याल आने लगे कि कहीं किसी ने हम दोनों को इशारे करते हुए देख तो नहीं लिया और मैं अचानक उसके घर के सामने खड़ा हो गया कि शायद वो अभी आ जाएगी।</p>
<p>मैं लगभग आधा घंटा खड़ा रहा, पर वो नहीं आई।</p>
<p>उस रात मुझे नींद नहीं आई, सोचा कि चलो कल मुलाकात हो जाएगी, पर वो अगले दिन भी नहीं दिखाई दी तो दिल में एक दर्द सा का एहसास हुआ।</p>
<p>पर मेरी भी लाचारी थी और मैं घर आ गया।</p>
<p>कहते हैं सबर का फल मीठा होता है और मुझे भी शायद मीठा फल ही मिलना था।</p>
<p>अगले दिन मैं बुझे मन से स्कूल से आ रहा था कि वो मुझे उसे खिड़की में बैठी दिखाई दी, उसने मुझे देखा पर उसके देखने में वो चमक नहीं थी, बस हल्के से मुस्कुराई और उठ कर चली गई।</p>
<p>मेरा मन जैसे तड़प उठा क्यूंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि कुछ न कुछ बात जरूर है पर मैं उससे पूछ नहीं सकता था।</p>
<p>खैर अगले दिन वो बैठी दिखाई दी, मैं भी थोड़ा दूर खड़ा हो गया और उसे मिलने का इशारा किया, वो भी जैसे तैयार बैठी थी, उसने खिड़की से नीचे एक कागज़ फेंका और अन्दर चली गई।</p>
<p>मैंने भाग कर वो उठाया और तेज़ कदमों से अपने घर आ गया और वो कागज़ खोल कर पढ़ा तो जैसे मुझे तो जैसे भगवान् मिल गया हो, उसमें उसने अपना मोबाइल नंबर लिखा था और बताया था कि रात को दस बजे के बाद ब्लैंक मेसेज कर देना, अगर मेरा जवाब आ गया तो हम चैट करेंगे।</p>
<p>मैं तो बस दस बजने का इंतज़ार करने लगा, और ठीक दसे बजे उसे ब्लैंक मेसेज कर दिया।</p>
<p>मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा पर दो तीन मिनट के बाद एक मेसेज आया जिसमें उसने अपना नाम लिखा था और मेरा पूछा था। दोस्तो, हमारा बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया था और हम दोनों देर रात तक मेसेज से बात करते और सो जाते।</p>
<p>बातों में हम बहुत खुल गए थे और सेक्सी बातें भी करने लगे थे। उससे बात करके मुझे ऐसा लगता था कि जैसे वो सेक्स के लिए उतावली है, शायद उसने ब्ल्यू फिल्में देख रखी हैं…</p>
<p>Chudai story <a href="https://hindipornstories.org/ghodi-ban-gayi-babita-chudwa-li/" rel="bookmark">घोड़ी बन गयी बबिता</a></p>
<p>दोस्तो, मैं बता दूँ कि उसका नाम मेघा था और वो भी बारहवीं कक्षा की छात्रा थी पर उसका स्कूल अलग था।</p>
<p>उसने बताया कि उसके मम्मी पापा दोनों काम से बाहर जाते हैं पर मम्मी जल्दी आ जाती हैं। शनिवार के दिन मम्मी लेट आती हैं क्यूँकि उनको घर का सामान लेन के लिए मार्किट जाना पड़ता है।</p>
<p>हमने शनिवार को मिलने का प्रोग्राम बनाया, देखते देखते शनिवार भी आ गया और मैं स्कूल से थोड़ा जल्दी आ गया क्यूंकि मुझे मेघा के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना था, वो भी जैसे बेसबरी से मेरा इंतज़ार कर रही थी, उसने इशारा किया और मैं सीधा ऊपर चला गया, उसने दरवाजा खोल के रखा था, मैं सीधा अन्दर गया और दरवाज़ा बंद कर दिया।</p>
<p>उसने मुझे सोफे पैर बैठने का इशारा किया पर मुझे सबर कहाँ था, मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने सीने से लगा लिया और उसे चूमने लगा।</p>
<p>उसने कहा- सांस तो ले लो!</p>
<p>पर मुझे तो जैसे होश ही नहीं था, मैं उसे दीवानों की तरह चूमे जा रहा था, मेरे हाथ उसके मम्मे दबाने लगे थे और मेरा लंड खड़ा हो चुका था, उसे शायद मेरा लंड चुभने लगा था, वो थोड़ा पीछे हुई तो मैंने उसे जोर से अपने से सटा लिया और जोर से उसके मम्मे दबाने लगा।</p>
<p>उसके होटों को तो जैसे मैं खा जाना चाहता था, बहुत रस भरी थी मेघा!</p>
<p>अब तक मेघा भी गरम होने लगी थी और मेरा साथ देने लगी, उसका हाथ मेरी पैंट पर गया और उसने मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगी।</p>
<p>लंड पकड़ कर तो वो और भी मस्त हो गई थी उसके मुख से सिसकारी निकलने लगी थी, मैंने आपना लंड उसके नरम होंटों पर लगाया तो पूरा लंड अपने मुंह में ले गई और जोर से चूसने लगी।</p>
<p>इतने में मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल दिए थे और स्कर्ट उतार दी थी, वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में मेरे मेरा लंड चूस रही थी। मैंने उसकी ब्रा खोल कर उतार दी।</p>
<p>यारो, इतनी मस्त लड़की मैंने पहली बार देखी थी, और सही तो यह है कि इस हालत में लड़की ही पहली बार देखी थी।</p>
<p>मैंने उसके मम्मे चूसने शुरू किए और वो बिल्कुल गर्म हो गई थी, उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था और वो मेरी बाँहों में झूलने लगी, मैंने उसे उठा कर बेड पर लिटा लिया और उसके ऊपर आकर उसका नंगा बदन चूमने लगा।</p>
<p>दोस्तो, वो मुझे ऐसे लग रही थी जैसे माखन में मिसरी मिली हो, उतनी ही चिकनी और उतनी ही मीठी… मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाला और उसकी चूत को ऊपर से सहलाने लगा।</p>
<p>वो जैसे मचल उठी और बेकाबू हो कर मुझसे लिपट गई, उसकी चूत बहुत भीगी हुई थी, मैंने उसकी पेंटी उतार दी और अपने होंठ उसकी भीगी चूत पर रख दिए, उसकी चूत की खुशबू से मैं भी दीवाना हो गया था, बस अब रुका नहीं जा रहा था और मैं अपना लंड उसकी कुंवारी चूत में डालना चाहता था।</p>
<p>वो बहुत मस्त हो रही थी पर शायद चुदाई से डर रही थी।</p>
<p>मैंने उसके कान में कहा- डरो नहीं, इसमें बहुत मज़ा है।</p>
<p>मेरे कहने पर वो मान गई, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और जोर से धक्का दिया, वो चिल्लाने लगी और चूत से लंड बाहर निकालने की कोशिश करने लगी, पर मुझे पर तो जैसे काम सवार था मैंने उसे जोर से पकड़े रखा और अपना लंड उसकी चूत से निकलने नहीं दिया बल्कि उस पर लेट कर उसके मम्मे चूसने और दबाने लगा।</p>
<p>वो कुछ देर में ही अपना दर्द भूल कर मेरा साथ देने लगी, मैंने भी मौका देखा और उसकी चूत में अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा, वो भी अपने चूतड़ उठा कर चुदाई में साथ देना लगी, पूरा कमरा उसकी सिसकारियों से गूंजने लगा।</p>
<p>दस मिनट के बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और उसके नरम नरम पेट पर अपना वीर्य गिरा दिया।</p>
<p>कुछ देर बाद उसने मुझे बताया कि थोड़ी देर में ही उसकी मम्मी आ जाएगी तो मुझे अब जाना चाहिए।</p>
<p>मन तो नहीं कर रहा था लेकिन मज़बूरी थी और मैं वहाँ से अपने घर आ गया, उसके बाद तो जैसे हर शनिवार को हम हनीमून मनाने लगे। उसने बताया कि उसके चाचा की लड़की भी छुट्टियों में आ जाएगी..</p>
<p>दोस्तो आगे की बात अगली कहानी में!</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/neha-ki-kunwari-choot/">नेहा की कुंवारी चूत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऑफिस में सेक्स और अन्तर्वासना ख़त्म</title>
		<link>https://hindipornstories.org/office-me-sex-aur-antarvasan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DesiBahu Lolita]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Feb 2022 08:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फ्री सेक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[अन्तर्वासना]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सएक्सएक्स कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[antaravasna]]></category>
		<category><![CDATA[Antarvasan]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasana]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasna]]></category>
		<category><![CDATA[antarvasnaa]]></category>
		<category><![CDATA[antervasna]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex kahani]]></category>
		<category><![CDATA[hindi sex stories]]></category>
		<category><![CDATA[hindiporn]]></category>
		<category><![CDATA[office me chudai]]></category>
		<category><![CDATA[office me sex]]></category>
		<category><![CDATA[office sex]]></category>
		<category><![CDATA[sexporn]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindipornstories.org/?p=3529</guid>

					<description><![CDATA[<p>जब हम चाय पी रहे थे तब थोड़ी सी चाय उनपे गिर गयी और मैं उन्हें साफ़ करने लगा एकदम से &#124; चाय उनके बूब्स पे थी और वो मुझे देखती जा रही थी पर जब मैंने नोटिस किया तो मैं अलग हो गया...</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/office-me-sex-aur-antarvasan/">ऑफिस में सेक्स और अन्तर्वासना ख़त्म</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Office Antarvasan Sex हेल्लो दोस्तों आप सब को सलाम और मेरा नाम है लंड भास्कर और मैं आप लोगो के सामने एक बहुत ही अजीब दास्ताँ लेकर आया हूँ जो की वाकई में हुयी कैसे मुझे आज तक नहीं पता | मेरा काम हैं जगह जगह घूम के माल बेचना और मैं एक अच्छी कंपनी का बाँदा हूँ |</p>
<p>जी हाँ मैंने जैसे ही कॉलेज पास किया तब मुझे नौकरी मिल गयी थी और मैं उस नौकरी से चिपक गया तो आज मुझे अच्छी पेमेंट और अच्छी खासी पोस्ट भी मिल चुकी थी | मेरे साथ के दोस्त मेरा मजाक बनाते थे और जब भी मैं निकालता तो बोलते देख बिचौलिया जा रहा है और मुझे बिलकुल भी बुरा नहीं लगता था क्यूंकि मेरी कंपनी बहुत बड़ी थी और नामी थी | इस कंपनी में किस्मत वाले ही जाते हैं | कानपूर जैसे शहर से निकलके कलकत्ता दिल्ली और न जाने कहाँ कहाँ भेजा मुझे और आज वही दोस्त मुझे देखकर मुझे रोक के पूछते हैं |</p>
<p>भाई अगर खली जगह हो तो बताना भाई अपनी कंपनी में और तब मैं कहता हूँ क्या यार तुम लोग बिचौलिए थोड़ी हो तुम तो बड़े लोग हो | बेचारे इतना सा मुह लटका के चले जाते हैं | मैं बड़ा कुत्ता आदमी हूँ किसी को कुछ नहीं बोलता चुपचाप काम करता हूँ और अगर किसी ने बोला तो उसे अपना काम दिखा के चुप करवा देता हूँ | हेल्लो दोस्तों आप सब को सलाम और मेरा नाम है लंड भास्कर और मैं आप लोगो के सामने एक बहुत ही अजीब दास्ताँ लेकर आया हूँ जो की वाकई में हुयी कैसे मुझे आज तक नहीं पता |</p>
<p>मेरा काम हैं जगह जगह घूम के माल बेचना और मैं एक अच्छी कंपनी का बाँदा हूँ | जी हाँ मैंने जैसे ही कॉलेज पास किया तब मुझे नौकरी मिल गयी थी और मैं उस नौकरी से चिपक गया तो आज मुझे अच्छी पेमेंट और अच्छी खासी पोस्ट भी मिल चुकी थी | मेरे साथ के दोस्त मेरा मजाक बनाते थे और जब भी मैं निकालता तो बोलते देख बिचौलिया जा रहा है और मुझे बिलकुल भी बुरा नहीं लगता था क्यूंकि मेरी कंपनी बहुत बड़ी थी और नामी थी | इस कंपनी में किस्मत वाले ही जाते हैं |</p>
<p>कानपूर जैसे शहर से निकलके कलकत्ता दिल्ली और न जाने कहाँ कहाँ भेजा मुझे और आज वही दोस्त मुझे देखकर मुझे रोक के पूछते हैं | भाई अगर खली जगह हो तो बताना भाई अपनी कंपनी में और तब मैं कहता हूँ क्या यार तुम लोग बिचौलिए थोड़ी हो तुम तो बड़े लोग हो | बेचारे इतना सा मुह लटका के चले जाते हैं | मैं बड़ा कुत्ता आदमी हूँ किसी को कुछ नहीं बोलता चुपचाप काम करता हूँ और अगर किसी ने बोला तो उसे अपना काम दिखा के चुप करवा देता हूँ | मैंने कभी भी किसी को नीचा नहीं दिखाया पर एक बार की बात हैं मुझे समझ नहीं आ रहा था की मुझे करना क्या है कॉलेज में इसलिए मैंने एक सर से मदद ली थी पर वो तो गधा निकला और मेरे मुह से ये शब्द निकल गया था उसके सामने |</p>
<p>मुझे बड़ा बुरा लगा पर फिर मैंने उससे कई बार माफ़ी मांगी बी उसने मुझे माफ़ कर दिया हो तो या न किया हो मैं तो हमेशा उसका भला ही चाहूँगा | मेरी कंपनी में सब कुछ मस्त है मेरे माँ बाप भी आ चुके हैं यहाँ और सब से मिल चुके हैं और उन्हें गर्व होता है मुझपे | देखिये किसी भी माँ बाप के साथ कोई दिक्कत नहीं होती बस एक चीज़ बदलती है और वो है समय क्यूंकि उनका समय अलग था और अपना समय अलग है | उनको ये समझने में थोडा वक़्त लगता है कि उनका बच्चा कुछ आगे करेगा और अच्छा इंसान बनेगा | क्यूंकि आज के दौर में शुरू में ही किसी को लाखों नहीं मिलने लगते | चलिए ये तो हुयी कंपनी के अन्दर की बात अब टाइम है कंपनी के बाहर की बात का तो जब हमारा काम ख़त्म हो जाता है तब हम सब मिलके चाय पीते हैं |</p>
<p>हमारे ग्रुप में लडकिय नहीं हैं क्यूंकि हम लोग मिटटी से जुड़े लोग हैं और लडकियांकुछ ज्यादा ही नखरे दिखाती है | अब जब हम लोग नीचे वाले टपरे में चाय पीते हैं तब बोलती हैं देखो चीप गाइस कितना सस्ता और गंदा काम करते हैं | मैंने उस दिन सोच लिया था की इन लोगों को इसका मज़ा चखा के रहूँगा | मैंने कहा चलो भाई लोग कल से इनको यहीं की की पिलाएंगे और फिर मज़े लेंगे | हमारे कैंटीन वाले से सेटिंग की और उससे कहा भाई कल से इस भाई से चाय लेना और उसको कुछ पैसे दे दिए | अब दो दिन उसने वही चाय सबको पिलाई और सबने जमके तारीफ की और कहा आजकल कैंटीन वाला सुधर गया है यार !! कितनी टेस्टी चाय बना के दे रहा है | तब मैंने कहा सबके सामने जाके हट चीप गर्ल्स कितनी सस्ती और गन्दी चाय पीती है |</p>
<p>तो उन्होंने कहा हेल्लो ये कैंटीन से है ओके | मैंने कहा अच्छा चलो दिखता हूँ |तब मैंने उन्हें खिड़की से नीचे दिखाया और उन्होंने देखा कैंटीन वाला उस टपरे वाले से चाय ले रहा था| तब उन्होंने कहा यार इसकी चाय इतनी टेस्टी होगी हमे ये पता नहीं था और हमने गलत समझ लिया तुम लोगों को सॉरी | पर उनमे से एक लड़की बड़ी कमीनी थी और उसने हमारी मेनेजर जो की कुछ ही महीने पहले दुबई से आई थी उसको बता दिया और मेरा नाम लगा दिया| मैंने कहा बस यही तो फर्क है तुम लोगों में और मुझमे मैं अपना काम चुप चाप कर देता हूँ पंगा तुम लोगों ने लिया और हारी भी तुम | पर आज साबित कर दिया आप लोग की सोच बहुत ही छोटी है और एक दम घटिया | साडी लड़कियां चुप चाप देख रही थी बस वही मुझ से बेहेस कर रही थी |</p>
<p>उतने में हमारी मेनेजर आ गयी और उसने कहा लड़कियों ये क्या हो रहा है सब अपने अपने काम पे चलो और भास्कर तुम मेरे साथ अन्दर आओ | वो अची हिंदी बोलती हैं इतनी अच्छी की हम लोग पीछे रह जाते हैं | मुझे उनकी बाते सुनना बहुत अच्छा लगता है क्यूंकि वो बोलती ही इतना प्यारा हैं| उस दिन उन्होंने पहली बार मुझपे गुस्सा किया कि मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी| मैंने कहा मैडम मैंने कुछ नहीं किया शुरू उन्होंने किया और ख़त्म बस में कर रहा हूँ | मैडम ने कहा अच्छा क्या ख़त्म कर रहे हो | मैंने कहा मैडम बस चाय पिलाई है और कुछ नहीं किया मैंने | उन्होंनेकहा अच्छा अगर उसकी चाय पिके कोई बीमार पद जाता तो मैं क्या जवाब देती सबको जानते हो तुम | मैंने कहा मैडम सॉरी मुझे नहीं पता था आपको इस बात का इतना बुरा लग जाएगा |</p>
<p>उन्होंने कहा भास्कर तुम इतने अच्छे वर्कर हो और अच्छे इंसान भी हो क्यों इनके मुह लगते हो | इनका क्या हैं कल जिसके पास ज्यादा पैसा होगा उनका बिस्तर गरम करने लगेंगी पर तुम इनसे दूर रहो | मैंने मैडम से कहा मैडम आप ऐसी बाते भी करते हो | तो उन्होंने कहा हां क्यूँ नहीं कर सकती ? पर बस तुम्हरे सामने की है और एक मेरे पापा के सामने तो अब तुम समझलो बड़े ख़ास हो तुम मेरे | मैंने कहा मैडम मैं हमेशा आपका ख़ास ही | तब मैडम ने मुझे कहा चलो जाओ अब अपने काम पे ध्यान लगाओ | मैं वह से चला गया और कहा मैडम एक दिन मैं आपको वह की चाय ज़रूर पिलाऊंगा आपको मेरी कसम आप मन नहीं करोगे | मैडम ने कहा ठीक है अब जाओ | मैं वह से आ गया और मुझे हस्त देख उस लड़की का रोना निकल गया | पर क्या करे हमारे व्यवहार ही ऐसे हैं की कोई कितना भी बुरा हो मान ज़रूर जाता है | अगले दिन ऑफिस की छुट्टी थी पर मैडम ने मुझे कहा भास्कर तुम कल आजाना कल सबकी छुट्टी है पर मुझे एक हेल्पर चाहिए | मैंने कहा जी मैडम मैं कल इसी टाइम पर आ जाऊंगा |</p>
<p>Sexy kahani <a href="https://hindipornstories.org/tum-meri-bur-chodo/" rel="bookmark">मुझे पता है तुम मुझे चोदोगे</a></p>
<p>अब मैं अगले दिन वहां गया और मैडम पहले ही वहां थी |अब मैडम ने मुझे कहा चलो काम शुरू करलू और वो पहले से ही थकी हुयी लग रही थी | अब इतने में लाइट चली गयी और मैडम ने कहा यार मुझे भूख लगी है और लाइट भी अभी जानी थी | मैंने कहा मैडम आप थक गए हो चलो चाय पी लो | मैडम ने कहा नहीं यार कैंटीन तो बंद है | मैंने कहा अरे मैडम अपना देसी कैंटीन २४ घंटे तक चालू रहता है | मैडम ने न नुकुर करते हुए हाँ किया और मैं चाय लेने नीचे गया | फिर जब हम चाय पी रहे थे तब थोड़ी सी चाय उनपे गिर गयी और मैं उन्हें साफ़ करने लगा एकदम से | चाय उनके बूब्स पे थी और वो मुझे देखती जा रही थी पर जब मैंने नोटिस किया तो मैं अलग हो गया | फिर एकदू वो मेरे पास आई और कहा बूब्स छुए न कैसा लगा |</p>
<p>मैंने कहा मैडम और उतने में उन्होंने अपनी शर्ट खोल दी और मेरा मुह अपने बूब्स में लगा दिया | मे रेको क्या मैं भी मस्ती में चूसने लगा उनके बूब्स और निप्पल | आःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह करने लगी |</p>
<p>फिर उन्होंने जल्दी से मेरा लंड निकाल और चूसने लगी |</p>
<p>मैंने भी आःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह करना शुरू किया |</p>
<p>फिर वो खुद मेरे लंड पे बैठ के ऊपर नीचे होने लगी और कहा यार कबसे मन था आज मिले हो | आःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआःह्ह आःह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्हआह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह ऐसा आधे घंटे चला और हम झड़ गए |</p>
<p>अब तो मैडम को मैं उनके केबिन में ही चोद देता हूँ |</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org/office-me-sex-aur-antarvasan/">ऑफिस में सेक्स और अन्तर्वासना ख़त्म</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://hindipornstories.org">Antarvasna</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
