चाची की रसीली चूत और मेरा कड़क लंड

तब मैंने भाभी को छोड़ दिया, अब वो मुझे बहुत गुस्से से देखकर कहने लगी कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि तू ऐसा है? और वो मुझसे यह बात कहकर तुरंत बाहर जाकर अपने बेडरूम में बेड पर लेट गई मैंने उनके जाते ही किचन से बाहर निकलकर सारे दरवाजे बंद कर दिए और में सीधा उनके बेडरूम में चला गया। अब मैंने उनसे सीधी अपने मन की सभी बातें सच सच कह डाली और मैंने उनसे कहा कि भाभी मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो, में आपको मन ही मन बहुत प्यार करता हूँ और आप बहुत ही मस्त सेक्सी लगती हो और आज में आपको चोदना चाहता हूँ। वैसे में यह काम बहुत दिनों से करना चाहता था, लेकिन मुझे ऐसा कोई मौका ही नहीं मिल रहा था और आज मुझे वो सब मिला है। में कब से इस दिन का कितना इंतजार कर रहा हूँ प्लीज़ भाभी मान जाओ ना। फिर भाभी मेरी बातें सुनकर वो अपने चेहरे से बड़ी खुश नजर आ रही थी।

वो कुछ देर चुप रहने के बाद कहने लगी कि और अगर किसी को हमारे इस काम के बारे में पता चल गया तो क्या होगा? मैंने कहा कि क्या होगा कुछ नहीं होगा? और वैसे भी हमारे अलावा यह बात कौन जानता है किसी तीसरे को कैसे पता चलेगा? यह बात कहकर में भी अब उनके बेड पर आ गया वो मेरी तरफ मुस्कुराने लगी और सीधी लेट गयी और तब में बहुत जोश में था, लेकिन फिर भी मैंने धीरे से उनकी मेक्सी के हुक को एक एक करके खोल दिया और उसके बाद में मैंने भाभी की पूरी मेक्सी को बिना देर किए तुंरत उतार दिया और उन्होंने अपनी आखों को बंद कर लिया। फिर मैंने बिना देर किए अपने भी पूरे कपड़े उतार लिए और उस समय हम दोनों बहुत जोश में और पसीने में भीगे हुए थे। मैंने उनको बिस्तर पर बिल्कुल सीधा लेटा दिया और फिर उनसे कहा कि अब आप सब कुछ मुझ पर छोड़ दो आपको किसी भी बात की चिंता करने की कोई भी जरूरत नहीं है।

दोस्तों भाभी का बदन साँवला है और बहुत गरमा गरम भी है। फिर मैंने उनकी ब्रा के हुक्स को खोलकर ब्रा को दूर फेंक दिया जिसकी वजह से उनके दोनों बूब्स बाहर निकलकर मेरे सामने आ गए जिसकी वजह से वो अब शरमा रही थी। फिर में उनकी काले रंग की पेंटी को उतारने लगा। वो मुझे देख रही थी और पेंटी को उतारकर मैंने देखा कि उन्होंने अपनी चूत के बालों को पहले से ही साफ किया हुआ था। वो अब भी मुझे ही देख रही थी। फिर में उनकी चिकनी, कामुक, उभरी हुई चूत को अपने सामने नंगी देखकर हवस में आ गया और मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ गया और मैंने उसके ऊपर झपटकर में उसके होंठो को स्मूच करने लगा और अपने एक हाथ को उनके पूरे बदन पर घुमाने लगा। फिर कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी मेरे साथ मज़े लेने लगी।

फिर में थोड़ा सा नीचे आ गया और भाभी के पपीते के आकर के बूब्स को दबाने लगा और उनकी निप्पल को निचोड़ने लगा। तब भाभी ने मुझसे कहा कि आह्ह्हह् उफफ्फ्फ्फ़ थोड़ा और ज़ोर से चूसो आईईईईइ वाह मज़ा आ गया तुम तो बहुत अच्छी तरह से चूसते हो। अब में करीब पांच मिनट तक उसके बूब्स को चूसता ही रहा और फिर मैंने उससे कहा कि साली रंडी तूने अब तक कितनों से अपनी चुदाई करवाई है? लेकिन वो कुछ नहीं बोली और मेरी तरफ देखकर हंसने लगी आह्ह्ह्हह ऊईईईईइ माँ करके सिसकियाँ लेने लगी। फिर में नीचे आ गया और ऊपर से लेकर नीचे तक उनके पूरे बदन का पसीना मैंने चाट लिया, वो मुझे देखती रही और मौन करते हुए मेरा साथ देने लगी। फिर तभी मैंने उनकी चूत पर अपना एक हाथ लगाया और मेरे हाथ लगाते ही वो आह्ह्ह्हह स्सीईईईईईईईइ करने लगी। उसी समय सही मौका देखकर में अपना मुहं भाभी की चूत पर रखकर अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने और चूसने लगा। अपनी भाभी की रसीली चूत का मज़ा लेने लगा। फिर मैंने सही मौका देखकर अपना 6.5 इंच का लंड उनके मुहं पर रख दिया और भाभी झट से लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी।

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फिर करीब दस मिनट तक और चूसने के बाद वो लंड को बाहर ही नहीं निकालने दे रही थी। तब मैंने भाभी से कहा कि भाभी मेरा यह लंड कहीं भागा नहीं जा रहा है, में इसको अब आपकी कामुक, रसीली चूत में डालना चाहता हूँ। फिर उन्होंने लंड को तुरंत अपने मुहं से बाहर निकालकर कहा कि अर्चित जी तो आप ऐसे क्या देख रहे हो? अब आप हमें आपके लंड के वो असली मज़े भी तो दीजिए और फिर उन्होंने इतना कहकर अपने दोनों पैरों को एकदम अलग किया और में अपना लंड उनकी कामुक, साफ, चूत में धीरे धीरे अंदर डालने लगा और उनके साथ मज़े लूट रहा था और भाभी आईईईईईई आआह्ह्ह्हहहह करने लगी और अब मैंने नीचे से उनको धक्के देने शुरू कर दिए।

में बहुत धीरे से लंड को बाहर लेकर आता और फिर एकदम ज़ोर से धक्का देकर दोबारा चूत में डाल देता। वो मुझसे कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ अर्चित आह्ह्ह्ह वाह क्या बात है? हाँ ऐसे ही आह्हह्हह्हह् ऐसे ही आआआहह ज़ोर से चोदो मुझे। फिर एक ज़ोर की आवाज से मैंने कहा कि भाभी आपकी चूत तो मेरे दो चार धक्को में ही फट गयी है मेरी साली रंडी और अब तेरी गांड की बारी है। में अब तेरी गांड में अपना लंड डालने जा रहा हूँ और तू देख आज मेरी चुदाई का तरीका, में कैसी चुदाई करता हूँ और फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत से उसी समय बाहर निकालकर मैंने भाभी की गांड में अपना लंड डालकर मैंने उस रंडी को बहुत जोरदार धक्के देकर चोदा और करीब 30 मिनट तक में अपनी तरफ से धक्के देता रहा।

अब मेरा वीर्य निकलने वाला था तो इसलिए मैंने उनसे पूछा कि भाभी में अपने वीर्य को कहाँ निकालूं? तो वो बोली कि तुम इसको मेरे मुहं में निकाल दो। फिर मैंने भाभी के कहने पर अपना सारा वीर्य उनके मुहं में ही निकाल दिया और में ठंडा हो गया और भाभी ने मेरा पूरा वीर्य चाट लिया। मेरे लंड को चूसने लगी और पूरी तरह से चमका दिया। फिर हम दोनों एक दूसरे के ऊपर ऐसे ही करीब दस मिनट तक पड़े रहे।

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फिर वो अपने कपड़े पहनने लगी और तब मैंने उनको कहा कि भाभी आप बड़ी मस्त सेक्सी माल हो और आपकी चुदाई करके आपके साथ यह समय बिताकर मुझे बहुत अच्छा लगा। फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम भी बहुत अच्छे हो और तुम्हारे साथ यह मज़े मस्ती करके में आज बहुत खुश हूँ। मुझे आज पहली बार पूरी तरह से ऐसी चुदाई का मज़ा मिला है, तुम बहुत अच्छे हो और जमकर मस्त चुदाई करते हो, में आज से तुमसे हर दिन अपनी चुदाई करवाना चाहती हूँ ।।

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